सरकार निर्यात कर नहीं हटाएगी : ईईपीसी
जहां एक ओर केंद्र सरकार स्टील निर्यात पर प्रस्तावित कर को हटाने की बात कर रही है। दूसरी ओर इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल ऑफ पंजाब (ईईपीसी) का कहना है कि सरकार को इस बारे में नहीं सोचना चाहिए। काउंसिल इसके पीछे तर्क दे रही है कि यदि निर्यात कर को वापस ले लिया जाता है तो […]
लीची के लुत्फ में महंगाई का लोचा
गर्मी का मौसम आते ही लीची का बाजार गर्म होने लगा है। लेकिन हो सकता है कि लीची खाने की लोगों की तमन्ना इस बार काफी देर से पूरी हो। बाजार सूत्रों से पता चला है कि इस बार लीची का उत्पादन पहले की अपेक्षा काफी कम हुआ है। लीची की आपूर्ति के बाबत आजादपुर […]
अच्छी पैदावार के बाद भी बिगड़ा आम का ‘स्वाद’
देश में इस साल आम की अच्छी पैदावार से इसका कुल उत्पादन 12 फीसदी बढ़कर 1.40 करोड़ टन होने का अनुमान है। इससे आम की कीमत में कमी आने की संभावना है। वैसे गुजरात और महाराष्ट्र के आम उत्पादक क्षेत्रों में लगातार बारिश और अपेक्षाकृत ठंडे मौसम की वजह से उत्पादन खासा प्रभावित हुआ है। […]
सचमुच ‘मीठे’ हैं नासिक के अंगूर
देश में अंगूर के लिए मशहूर नासिक से अंगूर के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2007-08 (दिसंबर से अप्रैल तक के सीजन में) के दौरान पिछले साल की तुलना में 45.52 फीसदी निर्यात अधिक हुआ है। यह निर्यात तकरीबन 174.20 करोड़ रुपये का हुआ है। वित्त वर्ष 2001-02 के 3,775.37 […]
घरेलू खाद्य तेल बाजार पर अंतरराष्ट्रीय कीमत की मार
केंद्र सरकार ने मार्च में कच्चे और रिफाइंड तेल के आयात शुल्क में जो कटौती की थी, उस वजह से घरेलू बाजार में कीमतों में कुछ कमी आई थी। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय वजहों से घरेलू बाजार में कीमतों में फिर से तेजी का रुख देखा जा रहा है। दरअसल दो कारणों की वजह से ऐसा […]
चावल पहुंचा हजार डॉलर प्रति टन के पार
दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक थाईलैण्ड से निर्यात होने वाले चावल का बेंचमार्क मूल्य बुधवार को पहली बार 1,000 डॉलर प्रति टन को छू गया। ऐसा आयातकों द्वारा खाद्य संकट के चलते अपनी खाद्यान्न सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयासों के कारण हुआ है। थाई चावल निर्यातक संघ के एस. अनुचोन ने बताया कि […]
तेल-तिलहन पर स्टॉक सीमा से कारोबारी परेशान
राज्य में 22 मई से तेल और तिलहनों पर स्टॉक सीमा लगाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले से इसके कारोबारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार कारोबारियों को परेशान करने पर आमदा है। सरकार के इस फैसले पर टिप्पणी व्यक्त करते हुए सॉलवेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत मेहता कहते हैं कि सरकार […]
खानपान के बहाने बुश की डकार…
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले दिनों एक बयान देकर खलबली मचा दी। बुश ने कहा कि भारत और चीन समेत विकासशील देशों में बढ़ती संपन्नता और बेहतर खानपान दुनिया भर में पैदा हुए हालिया खाद्य संकट की वजह है। आखिर क्या हैं बुश के बयान के निहितार्थ, इसी विषय पर केंद्रित है इस बार की जिरह […]
…कहीं सिर के ऊपर से न गुजर जाए पानी
दुनिया भर में जारी खाद्यान्न संकट पर जॉर्ज बुश ने जो भी कहा, वह बहस का विषय है। पर इस बात में कोई दो राय नहीं इस संकट की जड़ें गहरी होती जा रही हैं और इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र […]
भारत को नाहक बदनाम किया जा रहा है
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि चीन और भारत की उन्नति और विकास की वजह से खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह यही है। मैं इससे सहमत नहीं हूं। भारत में वर्ष 1991 में अनाज का रोजाना प्रति व्यक्ति उपभोग 510 ग्राम था, […]
