मुश्किल में पंचेश्वर परियोजना
नेपाल में माओवादियों का सत्ता में आना तय होने के बाद उत्तराखंड में 6 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली पंचेश्वर बिजली परियोजना का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। पंचेश्वर भारत की अब तक की सबसे बड़ी पन बिजली परियोजना है। उत्तराखंड में पन बिजली परियोजनाओं के विकास की काफी संभावनाएं हैं। राज्य […]
ई-संपर्क से जुडेंग़े पश्चिम बंगाल के सभी ब्लॉक
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख संस्था नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) ने 2009 के अंत तक पश्चिम बंगाल के सभी 341 ब्लाकों को राज्यव्यापी क्षेत्रीय नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई है। एनआईसी केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए सॉफ्टवेयर विकास और कंम्पयूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। इस विभाग को वेबल टेक्नोलॉजी लिमिटेड की तरफ […]
सुनो किसानों ‘साधन’ की पुकार, सस्ते-मद्दे मोबाइल ले लो दो चार
मोबाइल क्रांति के इस युग में उत्तर प्रदेश के किसानों की पौ बारह होने वाली है। संसाधनों का टोटा झेल रही प्रदेश की साधन सहकारी समितियों को अब गांव में किसानों तक मोबाइल फोन पहुंचाने का काम सौंपा गया है। इंडियन फारर्मस फर्टिलाइजर्स कोऑपरेटिव (इफको) लिमिटेड ने किसानों को सस्ते दर पर हैंडसेट और मोबाइल […]
बिजली की मार से मप्र के कारोबारी बेहाल
पिपरिया शहर में दाल की पैदावार करने वाले दुआ दयाल बीते कई सालों से बिजली की समस्या से लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का पिपरिया शहर भारत में सबसे स्वादिष्ट दाल उत्पादक के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां उत्पन हुई बिजली की विकट समस्या ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। […]
बंद मिलों के चालू होने की जगी आस
कानपुर की फिजाओं में एक बार फिर मशीनों की घड़घड़ाहट तेज हो सकती है, थकी हारी चिमनियां एक बार फिर जीवंत हो सकती हैं। शहर की बंद पडी क़पड़ा मिलों को फिर से शुरू करने की कवायद जोर पकड़ने लगी है। कानपुर में ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन की बंद पड़ी फैक्टरी कानपुर टेक्सटाइल मिल (केटीएम) को […]
सुरमई अंखियों ने देखे हैं कुछ सपने
हम बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे एक उद्योग की चर्चा करने जा रहे हैं। उद्योग इतना बिखरा हुआ है कि उसके वार्षिक कारोबार का ठीक-ठीक अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है लेकिन असर ऐसा है कि अमेरिकी दवा और खाद्य प्रशासन (यूएसएफडीए) भी उसके पीछे पड़ा है। हम बात सुरमा या काजल उद्योग की […]
मुंबई के लाखों आशियानों को अदालत से मिली राहत
उपनगर मुंबई में रहने वाले लाखों फ्लैट मालिकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अस्थायी राहत दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज डेवलपरों की अपील पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। डेवलपरों ने जंगल भूमि पर एक हजार एकड़ में हजारों अपार्टमेंट बना दिए हैं, जिन्हें मुंबई नगर निगम ने अवैध करार दिया है। […]
ज्यादा खाने का हमको जो ताना देते हैं…
भारतीय और चीनियों की बढ़ती समृद्धि से अमेरिका की भौंहे तन गई है। दरअसल, भारतीय और चीनियों पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि खान-पान के स्तर सुधरने की वजह से ही दुनिया को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस बात को सबसे पहले हवा दी अमेरिका की विदेश मंत्री कोंडोलिजा […]
खाड़ी में एयर इंडिया मांगेगी पानी
पश्चिम एशियाई देशों में काम करने वाले तकरीबन 51 फीसदी भारतीय स्वदेश आने और यहां से जाने के लिए सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया एक्सप्रेस का ही इस्तेमाल करते हैं। हालांकि अब स्थिति बदल रही है। भारत-पश्चिम एशिया के बीच यात्री सेवा मुहैया कराने के लिए कई लो-कॉस्ट एयरलाइंस भी मैदान में कूद पड़ी है। इनमें […]
बाहरी मदद न हो तो यूं ही चमकेगी मुंबई?
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई हो या फिर प्रति व्यक्ति बिजली खपत, सबमें महाराष्ट्र अव्वल है। लिहाजा, यहां बिजली की महत्ता खुद-ब-खुद समझी जा सकती है। इसी के मद्देनजर बिज़नेस स्टैंडर्ड ने महाराष्ट्र की मौजूदा बिजली की मांग और आपूर्ति समेत इससे जुड़े सभी मामलों की पड़ताल की है। मांग-आपूर्ति का गणित राज्य सरकार ने […]
