बड़ा दुख दीना खाद्यान्न के इस संकट ने
दुनिया भर में खाने के सामानों की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृध्दि अब कोई दबी-छुपी बात नहीं रह गई है। अंतर तो केवल इस मुद्दे पर है कि विश्व के किन-किन देशों में खाद्यान्नों की कीमत में कितने फीसदी का इजाफा हुआ है। अगर केवल एशिया पर गौर करें, तो यहां भी महंगाई सुरसा […]
अहस्तांतरणीय फूड कूपन कर के दायरे में नहीं
मेरी नियोक्ता कंपनी मुझे हर रोज फूड कूपन देती है। पिछले तीन वर्षों के दौरान 250 रुपये तक का फूड कूपन मिलता था। लेकिन चालू वित्तीय वर्ष के लिए इसे बढ़ा कर 350 रुपये कर दिया गया है। क्या यह लाभ कर के दायरे से मुक्त है ? – चेरिल आहूजा, बांद्रासेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट […]
मुश्किल नहीं आसान कारोबार की मंजिल
स्केलेबल कारोबार की अवधारणा को समझना काफी आसान है- यह एक ऐसा कारोबार है जो तेजी से बढ़ता है। पर अगर इसकी तुलना कारोबार से की जाए तो इसे और बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। भले ही किसी कारोबार में तेजी से विकास की क्षमता नहीं हो पर फिर भी वह मुनाफे वाला […]
कर बचाने के लिए सोच-समझ कर करें निवेश
वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान जब आपकी नियोक्ता कंपनी आपको एक लंबा-चौड़ा डॉक्यूमेंट भेज दे तो आप इसे लेकर आश्चर्यचकित न हों। इसका मतलब यह है कि आपको इस दस्तावेज में उस निवेश की जानकारी देनी है जो आप चालू वित्तीय वर्ष के दौरान करने जा रहे हैं। यह दस्तावेज काफी महत्त्वपूर्ण […]
बीएस की क्लास
1.रेसिडुएरि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी अपने वित्त पोषण के लिए केवल अपने …… पर निर्भर रहती है। क.डिबेंचरख.निजी इक्विटीग.सार्वजनिक इक्विटी पेशकशघ.सावधि जमा2.इंडियन रियल एस्टेट म्युचुअल फंड (आरईएमएफ) के बारे में इनमें से कौनसा बयान सही नहीं है ? क.आरईएमएफ को अपने यूनिट स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबध्द करने होंगे।ख.पास-थ्रू स्टेटस के लिए अर्हता के क्रम में आरईएमएफ […]
ब्रोकिंग फर्म: शेयर हैं नरम
लगातार अच्छा रिटर्न देने के बाद ब्रोकिंग कंपनियों के शेयरों के दाम जनवरी 2008 में शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुए। अपनी सालाना अधिकतम ऊंचाई को छूने के तीन महीनें के भीतर ही प्रमुख ब्रोकिंग कंपनियों के शेयर, जिनमें मोतीलाल ओसवाल फाइनेंस, एडेलवायस कैपिटल और आईएल एंड एफएस शामिल […]
मुनाफे की रिंगटोन
पिछली तिमाही में वायरलेस कम्युनिकेशन के क्षेत्र में देश की छठी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी आइडिया सेल्यूलर के ग्राहकों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। देश में तेजी से बढ़ रहे टेलीकाम सेक्टर ने मार्च 2008 में एक करोड़ नए ग्राहक जोड़े। अब देश में कुल टेलीकाम ग्राहकों की संख्या 26.1 करोड़ हो गई […]
अलग एक्सचेंज की जरूरत क्यों?
सेबी के नए चेयरमेन सी बी भावे के इस सोच से काफी राहत मिलती है कि छोटे और मंझोले आकार के उद्योगों के लिए अलग एक्सचेंज के संबंध में कंसल्टेशन प्रक्रिया जल्दी ही पूरी हो जाएगी जिसके बाद सेबी का बोर्ड इस पर फैसला लेगा। हालांकि छोटे और मंझोले उद्योगों के लिए अलग एक्सचेंज की […]
कहते हैं विश्लेषक
महिंद्रा लाइफस्पेस का 1400 एकड़ के क्षेत्र में फैला चेन्नई स्थित सेज (एसईजेड) अब कैश जनरेशन फेज में प्रवेश कर चुका है। यह सेज के प्रोसेसिंग एरिया में स्थित है इसलिए इसने अपना ऑपरेशन तेज कर दिया है। इस प्रोसेसिंग एरिया में तीन सेक्टर आईटी, एपेरल एण्ड फैशन और ऑटो हैं। कंपनी की सेज एरिया […]
नई सोच का टाइम
जरा सोचें भारत में सैकड़ों स्टील निर्माता हैं,हजारों स्टील फैब्रिकेटर हैं,जबकि हमारे दैनिक जीवन में लाखों किस्म के स्टील उत्पाद हैं। जबकि कुछ दशकों पहले तक कहा जा रहा था कि प्लास्टिक स्टील की जगह ले लेगा। अंतर समझेंजिन दिनों स्टील और कच्चे तेल की कीमतें काफी कम थीं, उन दिनों ऐसी कोई वजह नहीं […]
