अनाज उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद
पूरी दुनिया में गेहूं का उत्पादन नए रेकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है और 2008-09 के दौरान दुनिया में अनाज के उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। बावजूद इसके अनाज की कीमतों में कमी के आसार नहीं हैं क्योंकि बढ़ती खपत के चलते अनाजों का स्टॉक गिर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य […]
अच्छी कीमत मिलने से खली निर्यात में 13 फीसदी का उछाल
मार्च महीने में खली के निर्यात में 13 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया क्योंकि इस दौरान सोया खली, रेपसीड खली, अरंडी की खली आदि के शिपमेंट में काफी तेजी आई। इस साल मार्च में खली का निर्यात 853675 टन का रहा जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 755450 टन खली का निर्यात हुआ […]
ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधानों की न्यायिक व्याख्या
आय कर विभाग ने विदेशी कंपनियों से अनुबंध करने और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए एक विशेष विभाग बनाया है। इस विभाग में ट्रांसफर प्राइसिंग ऑफिसर (टीपीओज) स्तर के अधिकारी नियुक्त होंगे, जो ट्रांसफर प्राइस पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे। यदि कोइ अधिकारी किसी भी भारतीय कंपनी के विदेशी कंपनी के साथ लेद-देन मार्जिन […]
वैट और सेवा कर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सामग्री और गैर सामग्री पर सही तरीके से कर लगाने का मुद्दा लंबे समय से एक विवाद का विषय रहा है। भारत संचार निगम बनाम भारत सरकार (2006 (2) एसटीआर-161) में सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा था कि मूल्यवर्द्धित कर (वैट) और सेवा कर अलग अलग हैं और ये दोनों अपनी […]
विदेश व्यापार को संतुलित करने की कोशिश
इस साल वार्षिक व्यापार नीति (एफटीपी) में निर्यात प्रोत्साहन योजना (एक्सपोर्ट प्रोमोशन स्कीम, ईपीसीजी) के तहत डयूटी में 3 फीसदी की कमी की गई है। आयातकों को अब 3.09 फीसदी की डयूटी चुकानी होगी जिसमें भी 5.15 फीसदी पहले ही लागू है। इसका मतलब हुआ यह हुआ कि केवल 2.06 फीसदी की बचत होगी और […]
दुर्घटना में मुआवजा नहीं देना होगा फाइनैंसर को
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते गोदावरी फाइनैंस कंपनी बनाम डेगाला सत्यनारायणअम्मा मामले में यह निर्णय दिया कि यह जरूरी नहीं है कि वाहन फाइनैंसर कंपनी सड़क दुर्घटना में मरने पर मृतक के परिवार को मुआवजा दे। इसमें सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय और ट्राइब्यूनल के फैसले को उलट दिया। रजिस्टर में वाहन मालिक […]
ईंधन भी है कच्चा माल: सुप्रीम कोर्ट
न्यायिक तौर पर यह प्रमाणित हो चुका है कि वित्तीय कानून में परिभाषाएं कृत्रिम हो सकती हैं। पर कोई कृत्रिम चीज परिभाषित कैसे की जा सकती है? पर क्या यह इतनी कृत्रिम हो सकती है कि कहा जा सके कि इसका परिभाषा से कोई बंधन या जुड़ाव नहीं है? तो इसका जवाब न में होगा। […]
इतना धुआं है तो आग भी लगी होगी कहीं…
कोई इसे महज हो-हल्ला बता रहा है तो कोई यह कह रहा है कि मामला संगीन है। किसी की राय में बाहरी कारकों से नहीं बल्कि खुद की गलतियों से आर्थिक हालात डांवाडोल हुए हैं। बहरहाल, इतना तो तय है कि सरकारी कवायद जोरों-शोरों पर है और लोगों के बीच बहस भी। मसला बस एक […]
अब नए चक्के पर निकलेगी आपकी सवारी
पता है, कभी-कभी मैं जब टायर बिजनेस के तकनीक पहलुओं से जुड़े हुए लोगों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे काफी बुरा लगता है। ये ऐसे लोग हैं, जिन्होंने कई महान काम किए हैं लेकिन अपने काम का कभी भी उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पाया। आपको पता है, टायर बनाना कोई बच्चों का […]
अब नए गगन में उड़ान भर रही है उड़न परी
पी. टी. उषा का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वह पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स के नक्शे में भारत को पहचान दिलाई। हालांकि इस घटना को बीते हुए काफी दिन हो चुके हैं, जब 1984 के लॉस एंजलिस ओलम्पिक में चंद पलों के फासले की वजह से उन्हें पदक से वंचित […]
