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किसानों को राहत! गेहूं की गुणवत्ता मानकों में बड़ी ढील, MSP पर पूरी खरीद

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केंद्र ने बारिश से प्रभावित गेहूं के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील देकर MSP पर खरीद सुनिश्चित की, अतिरिक्त जिम्मेदारी राज्य पर डाली।

Last Updated- April 18, 2026 | 8:35 AM IST
Wheat
Representative image

केंद्र सरकार ने कई दिनों के इंतजार के बाद अंतत: 2026-27 विपणन सत्र के लिए पंजाब से खरीदे जाने वाले गेहूं के गुणवत्ता मानकों में ढील दे दी है। इससे केंद्रीय पूल के लिए खरीद में तेजी आने की उम्मीद है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार और एफसीआई-पंजाब के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए पंजाब व चंडीगढ़ में बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल के लिए ‘समान’ दिशानिर्देशों में ढील देने का निर्णय लिया है।

नए मापदंडों के अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अब पंजाब में 70 प्रतिशत चमक खो चुके और 15 प्रतिशत सिकुड़े हुए दानों वाले गेहूं को स्वीकार करेगा। हालांकि मौजूदा गुणवत्ता मानक 6 प्रतिशत सिकुड़े हुए दानों का था। इसके अलावा निगम राज्य से क्षतिग्रस्त व मामूली रूप से क्षतिग्रस्त दानों वाले गेहूं को भी स्वीकार करेगा, जिनकी मात्रा कुल मूल्य के 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

केंद्र ने  आदेश में यह भी कहा कि रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की खरीद को अलग से भंडारित और दर्ज किया जाना चाहिए। इसके अलावा भंडारण के दौरान रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि कम गुणवत्ता वाली गेहूं की खरीद समय से पहले कर दी जाएगी और इससे संबंधित सभी वित्तीय लागत राज्य सरकार को वहन करनी होगी।

पंजाब से रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की सभी खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य  2,585 रुपये प्रति क्विंटल में कोई कमी नहीं की जाएगी।

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First Published - April 18, 2026 | 8:35 AM IST

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