facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

1 अप्रैल को आई खुशखबरी, सस्ते हुए कमर्शियल LPG के दाम

Advertisement

OMCs ने भी हवाई ईंधन की कीमतों में आज से कटौती की है। हवाई ईंधन की कीमतों में करीब रु 500  किलो लीटर की राहत मिली है।

Last Updated- April 01, 2024 | 10:02 AM IST
LPG Shortage

आज यानी एक अप्रैल से जनता तो LPG के दामों में राहत मिली है। आज से कमर्शियल LPG सिलेंडर के भाव सस्ते हो गए हैं। कम कीमतें आज से ही लागू होंगी। बता दें, तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। अब से यानी आज 1 अप्रैल से  19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर में 30.50 रुपये की कटौती की गई है।

हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है तो घर की रसोई पर इन कीमतों से कोई राहत नहीं मिलेगी।

बदले हुए दामों की बात करें तो दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब कम होकर 803 रुपये हो गई है, वहीं कोलकाता में ये दाम 32 रुपये घटकर 829 रुपये, मुंबई में 31.50 रुपये घटकर 802.50 रुपये और चेन्नई में दाम 30.50 रुपये घटकर 818.50 रुपये हो गए है।

इसी के साथ OMCs ने भी हवाई ईंधन की कीमतों में आज से कटौती की है। हवाई ईंधन की कीमतों में करीब रु 500  किलो लीटर की राहत मिली है।

हालांकि किन कारकों से कीमतों में ये कटौती की गई है इसे सटीक कारणों के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है। इसके लिए कई फैक्टर्स को जोड़ के देखा जा रहा है जैसे कि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में बदलाव, टैक्सेशन पॉलिसी में बदलाव और आपूर्ति-मांग की गतिशीलता आदि का इसमें योगदान माना जा सकता है।

 

Advertisement
First Published - April 1, 2024 | 10:02 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement