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चांदी की तेजी अब ‘बूम’ से ‘सनक’ की ओर? एक्सपर्ट बता रहे क्या करें

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तेज सट्टेबाजी के बीच चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव, एक्सपर्ट्स ने अचानक और गहरी गिरावट को लेकर दी चेतावनी

Last Updated- January 28, 2026 | 2:09 PM IST
Silver

दुनिया भर के बाजारों में चांदी की कीमतों में हाल ही में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक ही ट्रेडिंग सेशन में चांदी के दाम पहले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे और फिर अचानक तेज गिरावट भी आ गई। केडिया एडवाइजरी का कहना है कि यह संकेत है कि चांदी की तेजी अब सामान्य बढ़त से निकलकर “सनक जैसी तेजी” यानी मैनिया के दौर में प्रवेश कर रही है।

एक ही दिन में रिकॉर्ड उछाल और गिरावट

इस असाधारण ट्रेडिंग सेशन में चांदी की कीमत करीब 104 डॉलर प्रति औंस पर खुली। इसके बाद कीमत तेजी से बढ़ते हुए 117.73 डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गई। लेकिन कुछ ही समय बाद भाव टूटकर 101.98 डॉलर तक गिर गए। एक ही दिन में करीब 16 डॉलर का उतार-चढ़ाव चांदी जैसे कीमती धातु के लिए बेहद असामान्य माना जाता है। यह दिखाता है कि बाजार अब तथ्यों से ज्यादा भावनाओं और सट्टेबाजी के सहारे चल रहा है।

बुनियादी कारण मजबूत, लेकिन कीमतें बहुत आगे निकल गईं

चांदी की लंबी अवधि की तेजी के पीछे मजबूत कारण मौजूद हैं। खदानों से सप्लाई सीमित है, नए निवेश कम हैं और औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियां और बिजली से जुड़े सेक्टर में चांदी की जरूरत लगातार बढ़ रही है। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतों में जो तेजी आई, वह इन बुनियादी कारणों की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज थी। इसी वजह से फ्यूचर्स बाजार में सट्टेबाजी बढ़ गई और कीमतें जरूरत से ज्यादा ऊपर चली गईं, जिससे तेज करेक्शन का खतरा बढ़ गया।

फिजिकल मार्केट में कमी ने बढ़ाई हलचल

फ्यूचर्स बाजार के अलावा फिजिकल यानी असली चांदी के बाजार में भी दबाव बना हुआ है। चांदी की उपलब्धता सीमित है और उद्योगों की मांग लगातार बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद कई देशों में फिजिकल चांदी पर प्रीमियम कम नहीं हुआ। इसका मतलब है कि लंबे समय के खरीदार और फैब्रिकेटर्स अभी भी चांदी खरीद रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि कागजी बाजार की तेजी-मंदी और फिजिकल मांग के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है।

अहम स्तर अब ज्यादा जोखिम दिखा रहे हैं

गिरावट के बाद चांदी की कीमत फिलहाल 113 से 114 डॉलर के आसपास स्थिर है, लेकिन बाजार अब भी बेहद जोखिम भरे इलाके में है।

  • तत्काल रेजिस्टेंस: 117.70 से 128.40 डॉलर
  • नजदीकी सपोर्ट: 105 से 107 डॉलर
  • अहम सहारा: 101.50 से 102 डॉलर
  • हेल्दी करेक्शन का स्तर: 86.40 से 92 डॉलर

इन स्तरों के बीच बड़ा अंतर बताता है कि बाजार में अस्थिरता बहुत ज्यादा है, जो आमतौर पर सट्टेबाजी के दौर में देखी जाती है।

तेजी अब मैनिया के दौर में?

इतिहास बताता है कि कमोडिटी बाजारों में तेजी पहले मजबूत कारणों से शुरू होती है, लेकिन बाद में यह मैनिया में बदल जाती है। इस दौर में उतार-चढ़ाव बहुत तेज हो जाता है और गिरावट भी अचानक और गहरी होती है। चांदी का हालिया व्यवहार इसी पैटर्न से मेल खाता है, जहां संतुलन और वैल्यू से ज्यादा भरोसा और गति कीमतों को चला रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट कहती है कि चांदी की मौजूदा चाल यह साफ संकेत दे रही है कि बाजार अब बेहद संवेदनशील हो चुका है। भले ही लंबे समय में बुनियादी कारण मजबूत हों, लेकिन छोटे समय में तेजी या गिरावट किसी को भी चौंका सकती है।

वह निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि

  • ज्यादा जोखिम लेने से बचें
  • लीवरेज कम रखें
  • कीमतों के पीछे भागने से बचें

कमोडिटी मैनिया में तेजी जितनी तेज होती है, गिरावट अक्सर उससे भी ज्यादा तेज और गहरी होती है। ऐसे में अनुशासन और जोखिम प्रबंधन ही सबसे जरूरी हथियार हैं।

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First Published - January 28, 2026 | 2:03 PM IST

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