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Veg-Non veg Thali: पश्चिम एशिया संकट और गर्मी ने बढ़ाई थाली की लागत, मई में शाकाहारी-मांसाहारी थाली हुई महंगी

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पश्चिम एशिया संकट के कारण रसोई गैस व खाद्य तेल के दाम बढ़े, तेज गर्मी से ब्रॉयलर की आपूर्ति घटने से मांसाहारी  थाली की लागत बढ़ी

Last Updated- June 03, 2026 | 7:32 PM IST
Veg non veg Thali
प्रतीकात्मक तस्वीर

Veg-Non-Veg Thali: पश्चिम एशिया संकट की मार घर के खाने पर भी पड़ रही है। इस संकट से रसोई गैस और खाद्य तेल महंगे होने से घर का बना खाना महंगा हो गया है। मई में शाकाहारी (veg) और मांसाहारी (non veg) दोनों थाली की कीमत में मासिक और सालाना आधार पर इजाफा हुआ है। शाकाहारी थाली की लागत रोटी, चावल, दाल, दही, सलाद के साथ प्याज, आलू, टमाटर से तय होती है। मांसाहारी थाली में शाकाहारी थाली की भी काफी सामग्री होती है, लेकिन दाल की जगह चिकन (ब्रॉयलर) होता है। घर में पकाई जाने वाली इन थालियों का औसत मूल्य उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में इस थाली में मौजूद व्यंजनों को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम के अनुरूप होता है।

मई में कितनी महंगी हुई शाकाहारी थाली?

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की ‘रोटी राइस रेट‘ नाम से जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल मई में शाकाहारी थाली की औसत कीमत 26.2 रुपये थी, जो इस साल मई में 5 फीसदी बढ़कर 27.4 रुपये रह गई। अप्रैल की तुलना में मई में भी इस थाली के दाम बढ़ गए। अप्रैल में इस थाली की औसत कीमत 26.7 रुपये थी, जो मई में करीब 3 फीसदी बढ़कर 27.4 रुपये रह गई। क्रिसिल की इस रिपोर्ट के अनुसार शाकाहारी थाली महंगी होने की वजह रसोई गैस के दाम 7 फीसदी और खाद्य तेल के 8 फीसदी बढ़ना है। इसके अलावा सालाना आधार पर टमाटर 57 फीसदी महंगा होना है। सालाना आधार पर प्याज के दाम 6 फीसदी और आलू-टमाटर के दाम में 14 फीसदी गिरावट ने थाली की कीमतों में वृद्धि को सीमित कर दिया। हालांकि मासिक आधार पर आधार पर दोनों के दाम बढ़ने से अप्रैल की तुलना में मई में इस थाली के दाम बढ़ने को बल मिला।

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मांसाहारी थाली के कितने बढ़े दाम ?

क्रिसिल की इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल मई में मांसाहारी थाली की कीमत 56.5 रुपये रही, जो पिछले साल मई की कीमत 52.2 रुपये से 7 फीसदी ज्यादा है। मासिक आधार पर भी इस थाली की कीमत 3 फीसदी बढ़ गई। अप्रैल में इस थाली की कीमत 55.1 रुपये थी। मांसाहारी थाली महंगी होने की अहम वजह इस थाली के सबसे बड़े घटक ब्रॉयलर (50 फीसदी हिस्सा) के दाम सालाना आधार पर 9 फीसदी बढ़ना है क्योंकि तेज गर्मी के कारण ब्रॉयलर की आपूर्ति में कमी आई है। इसके अलावा इस थाली के महंगा होने की अन्य वजह रसोई गैस, खाद्य तेल, टमाटर के दाम बढ़ना है। सालाना आधार पर दाल,प्याज और आलू के कम भाव ने इस थाली कीमत को और ज्यादा नहीं बढ़ने दिया।

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First Published - June 3, 2026 | 7:32 PM IST

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