केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव | फाइल फोटो
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सोमवार को कहा कि अगर ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ईसीएमएस) के तहत मंजूर की गई परियोजनाओं में भारत में घरेलू डिजाइन क्षमताएं स्थापित करने और उन्हें शामिल करने पर ध्यान नहीं दिया गया तो तो केंद्र सरकार कंपनियों को दी गई मंजूरियों को रद्द करने में जरा भी संकोच नहीं करेगी।
ईसीएमएस योजना के तहत चौथी किश्त की परियोजनाओं के लिए अनुमोदन पत्र वितरित करने हेतु आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि भले ही उद्योग ने मार्च तक घरेलू डिजाइन की ओर एक सामूहिक प्रयास शुरू करने का वादा किया था, लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है।
Ashwini Vaishnaw ने कहा, ‘हमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीन और कलपुर्जा डिजाइन में उतरना होगा। डिजाइन एक प्राथमिक फोकस होना चाहिए। यदि किसी को इस बारे में कोई संदेह है और वे डिजाइन को शामिल किए बिना आगे बढ़ना चाहते हैं, तो वे कार्यक्रम (ईसीएमएस) से बाहर निकल सकते हैं और हम इस बारे में संकोच नहीं करेंगे, भले ही कंपनी कितनी भी बड़ी क्यों न हो।’
उन्होंने कहा कि समय के साथ जो कंपनियां भारत में घरेलू कलपुर्जा डिजाइन क्षमताएं विकसित करने में निवेश नहीं करेंगी, उन्हें ईसीएमएस से बाहर निकाल दिया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि घरेलू डिजाइन क्षमताओं पर सुझाव मांगने के अलावा, सरकार अब यह भी तय करेगी कि इलेक्ट्रॉनिक्स और कलपुर्जा निर्माण योजना के तहत खरीदार-विक्रेता बैठकें कैसे आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी सरकार द्वारा उद्योग से मांगे गए सुझावों में कमी थी।
Ashwini Vaishnaw ने कहा, ‘अब आपको खरीदार-विक्रेता बैठकें एक व्यवस्थित तरीके से आयोजित करनी होंगी, ताकि घरेलू कंपनियों को पर्याप्त अवसर मिल सकें। इसके लिए हमें एक मासिक कार्यक्रम तैयार करना होगा। केंद्रीय मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा निर्माण उद्योग से यह भी आग्रह किया कि वे ‘सिक्स सिग्मा’ निर्माण गुणवत्ता हासिल करने के लिए व्यवस्थित कार्यक्रम बनाएं। इन कार्यक्रमों को इस क्षेत्र की सभी कंपनियों में, खासकर ईसीएमएस के तहत मंजूर किए गए सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में लागू किया जा सकता है।
वैष्णव ने कहा, ‘अगले 15 दिनों के भीतर, आपको हमें सभी 75 मंजूर परियोजनाओं का शिड्यूल बताना होगा और यह भी बताना होगा कि इन कंपनियों ने ‘सिक्स सिग्मा’गुणवत्ता हासिल करने के लिए किनके साथ साझेदारी की है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमें आगे का रास्ता खुद तय करना पड़ेगा।’
उन्होंने कहा कि ईसीएमएस के तहत आने वाली कंपनियों ने अपनी अपनी परियोजनाओं के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए अलग-अलग कदम उठाए हैं, लेकिन 4-5 ऐसे खास सेंटर बनाने की जरूरत है जहां एक ही बैच में 5,000-10,000 लोगों को ट्रेनिंग दी जा सके।