भारतीय रिजर्व बैंक ने सीआरआर में आधे फीसदी की कटौती की है। इसके अतिरिक्त रेपो रेट में भी 1 फीसदी की कटौती की गई है। इससे बैंकिंग तंत्र में 20000 करोड़ रुपये आएंगे। लोन मिलना आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ने दूसरे राहत पैकेज की […]
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केंद्र सरकार के दूसरे राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज के तुरंत बाद उम्मीद है कि रिजर्व बैंक अपनी अल्कालिक दर, रेपो और रिवर्स रेपो में कटौती करेगा। मंहगाई दर 10 महीने के निम्नतम स्तर 6.38 फीसदी के स्तर पर आने और गिरावट का रुख बरकरार रहने की उम्मीद के मद्देनजर केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो […]
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आर्थिक संकट से निजात पाने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार आज दूसरा राहत पैकेज पेश कर सकती है। उम्मीद की जा रही है कि दूसरे पैकेज में ऑटो, रियल्टी और लघु एवं मझोले उद्योग सहित विशेष क्षेत्रों के लिए राहत देने की संभावना है। मालूम हो कि सरकार ने 7 दिसंबर […]
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वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से देश के निर्यात में लगातार दूसरे महीने नकारात्मक वृध्दि दर्ज की गई। देश का निर्यात नवंबर, 2008 में 9.9 फीसदी तक घट गया। चालू वित्त वर्ष में नवंबर के दौरान निर्यात घटकर 11.5 अरब डॉलर पर आ गया, जबकि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 12.7 अरब […]
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बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास के लिए सरकार अगले दो साल के अंदर 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार कम समय में लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फाइनैंस कंपनी (आईआईएफसीएल) से 40,000 करोड़ रुपये के फंड मुहैया कराने को कह सकती है, […]
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ईंधन और कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 20 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 0.23 फीसदी घटकर 6.38 फीसदी हो गई। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में और कमी करना आसान हो सकता है, ताकि आर्थिक […]
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नवंबर में निर्यात 9.9 फीसदी घटकर 11.5 अरब डॉलर पर आ गया। विश्व के प्रमुख बाजारों में मंदी के असर के चलते लगातार दूसरे महीने में निर्यात दरों की दरों में गिरावट दर्ज की गयी। पिछले वर्ष की समान अवधि में निर्यात का राजकोष 12.7 लाख डॉलर था, जो इस महीने लुढ़क कर 11.5 लाख […]
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महंगाई ने भी इस पूरे साल कई रंग दिखाए। फरवरी-मार्च से ही महंगाई का मीटर ऊपर जाने लगा था और दूध, फल, सब्जी, खाद्य तेल जैसी आम जरुरत की चीजों की कीमतें बढ़ने लगी थीं। एक वक्त महंगाई ने पिछले 13 साल के रिकॉर्ड को ही तोड़ दिया। एक वक्त पर महंगाई बढ़कर 13 फीसदी […]
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एसोचैम के एक सर्वेक्षण में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जीडीपी की दर 7.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जबकि वित्त वर्ष 2009-10 के लिए जीडीपी की विकास दर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद है। एसोचैम के इस सर्वेक्षण में देश भर के 250 सीईओ ने भाग लिया था। सर्वेक्षण के अनुसार 83 फीसदी […]
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देश की अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष 2008 काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वर्ष की शुरुआत जहां मजबूती से हुई, वहीं साल खत्म होते-होते वैश्विक मंदी की छाया मंडराने लगी। ऐसे में सबके जेहन में सवाल है कि क्या आने वाला साल अर्थव्यव्स्था के लिहाज से अच्छा होगा और महंगाई-मंदी के बादल छंटेंगे? बिानेस स्टैंडर्ड ने इसी […]
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