प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष जी.के. चङ्ढा ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आगे और कटौती किए जाने का पक्ष लिया है। ताकि आर्थिक प्रणाली में नकदी का प्रवाह और बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा – यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को यह करना पड़ेगा यह जानते हुए भी कि इससे महंगाई […]
आगे पढ़े
अर्थशास्त्र के लिए 2008 का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पाल क्रुगमैन ने कहा कि उन्हें मौजूदा वित्तीय संकट का अनुमान होना चाहिए था। क्रुगमैन ने नैशनल पब्लिक रेडियो को दिए गए साक्षात्कार में कहा ”मैं अपने आप को इस बात के लिए कोसता हूं कि मैं यह नहीं समझ पाया कि वित्तीय संकट इतना गहरा […]
आगे पढ़े
बाजार खुलने के कुछ मिनट पहले वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाने के लिए और अधिक कदम उठाने का एक बार फिर वादा किया। और निवेशकों को सलाह दी कि वे हड़बड़ी में या आतंकित होकर कोई कदम न उठाएं। उनके इस बयान का बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला […]
आगे पढ़े
दुनियाभर के देशों की सरकारों द्वारा वैश्विक मंदी से उबरने के लिए दी जा रही राहत पैकेज की दवा असर करने लगी है। इसके चलते एशियाई और यूरोपीय शेयर बाजारों में एक बार फिर सोमवार को तेजी लौट आई। हांगकांग के प्रमुख सूचकांक हैंग सेंग में 10 फीसदी की तेजी आई जबकि लंदन स्टॉक एक्सचेंज […]
आगे पढ़े
अरबपति निवेशक और उद्यमी जार्ज सोरोस ने अमेरिकी सरकार द्वारा बैंकों में हिस्सेदारी खरीदने की योजना का समर्थन किया लेकिन अनुमान जाहिर किया कि भयानक मंदी आने वाली है। उन्होंने कहा कि वास्तविक अर्थव्यवस्था अब भयानक मंदी के दौर में प्रवेश कर रही है लेकिन आप सही काम करते हैं तो आप यह देख सकेंगे […]
आगे पढ़े
दुनिया में फैली मंदी की महामारी के चलते कोमा में पहुंचते भारतीय कारोबारी जगत की आपात दवा सरकार की नजर में नकदी के संकट से उसे बचाना है। लिहाजा शुक्रवार को जैसे ही बाजार के चारों खाने चित होने की खबर मिली, फौरी कार्रवाई के तौर पर उसने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में एक फीसदी […]
आगे पढ़े
अनाज और दाल समेत खाद्य कीमतों में हुई गिरावट के मद्देनजर महंगाई दर आंशिक रूप से गिरकर 11.80 फीसदी पर पहुंच गई। थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर तैयार मुद्रास्फीति का आंकड़ा गिरकर 11.80 फीसदी हो गया, जो इसके पिछले सप्ताह में 11.99 फीसदी था। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान फल एवं सब्जियों की कीमतों में […]
आगे पढ़े
अमेरिका से शुरू हुए मंदी के चक्रवात से शुक्रवार को भी सारी दुनिया के शेयर बाजार चकराते रहे। न सिर्फ अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट रही बल्कि इसका असर यूरोपीय और एशियाई बाजारों पर भी और गहराता नजर आया।दुनिया के सात देशों द्वारा एक साथ की गई ब्याज दर में कटौती भी मंदी की इस […]
आगे पढ़े
कर्ज की कमी के दबाव से जूझ रहे भारतीय उद्योग जगत ने सीआरआर में और एक फीसदी की कटौती करने के रिजर्व बैंक के निर्णय का स्वागत किया है। हालांकि उद्योग जगत ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक को बाजार का विश्वास बहाल करने के लिए ब्याज दरों में कटौती जैसे और कदम उठाने […]
आगे पढ़े
इस समय सबके जहन में यह सवाल रह रह कर उठा रहा है कि क्या भारत दिनोंदिन गहराते वैश्विक वित्त बाजार के संकट से अप्रभावित रह पाएगा। अगर सिटी ग्रुप के संवदेनशीलता सूचकांक को आधार माना जाए तो एशियाई अर्थव्यवस्था में भारत इन संकटों के प्रति अधिक संवेदनशील है। एशिया में जापान को छोड़कर चीन […]
आगे पढ़े