भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य जयंत आर वर्मा का मानना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि ‘अत्यंत नाजुक’ स्थिति में है और इसे अभी पूरा समर्थन देने की जरूरत है। वर्मा ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि निजी उपभोग और पूंजी निवेश ने अबतक रफ्तार नहीं पकड़ी है, ऐसे […]
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विकसित देशों में भारतीय वस्तुओं की मांग में कमी को देखते हुए भारत विकासशील देशों में 18 उत्पादों के निर्यात पर जोर दे सकता है। इनमें कीटनाशक, निर्माण सामग्री, रसायन, लौह एवं स्टील जैसी वस्तुएं शामिल हैं। इस समय भारत विकासशील देशों की इन वस्तुओं की सिर्फ 2.5 प्रतिशत मांग पूरी करता है। एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड […]
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सरकार की ओर से संचालित सबसे बड़ी गैस इकाई गेल लिमिटेड को डर है कि रूस के गैजप्रॉम से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति कम से कम 12 महीने तक बाधित रहेगी और कंपनी इसके मुताबिक कमी पूरी करने की तैयारी कर रही है। गैस आपूर्तियों में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई आपूर्ति […]
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श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को संसद में कहा कि श्रम बल सर्वेक्षण की नयी रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 और 2020-21 के दौरान अनुमानित बेरोजगारी दर क्रमशः 4.8 प्रतिशत एवं 4.2 प्रतिशत थी जो देश में बेरोजगारी दर में गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाता है। यादव ने एक सवाल के जवाब में […]
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सरकार को उभरते क्षेत्रों में कर आधार बढ़ाने के साथ ही उपकर और अधिभार को खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए। आम बजट से पहले ‘थिंक चेंज फोरम’ (टीसीएफ) ने वित्त मंत्रालय को यह राय दी है। शोध संस्थान टीसीएफ ने साथ ही कहा कि कर अनुपालन में सुधार और कर दरों में कमी करने […]
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भारत से रूस को होने वाला निर्यात अक्टूबर में लगातार दूसरे महीने बढ़ा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च से लगातार 6 महीने तक संकुचन के बाद इसमें तेजी आ रही है। अक्टूबर के दौरान भारत 28 करोड़ डॉलर के वस्तुओं का निर्यात किया, जो एक साल पहले […]
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आश्वस्त हैं कि मौजूदा वित्त वर्ष में कर राजस्व सृजन पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि 3.26 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय राजस्व पर्याप्त है, जिसके लिए वित्त मंत्रालय ने संसद की स्वीकृति मांगी है। बुधवार को उच्च सदन यानी राज्यसभा में अनुदान की पूरक मांग पर बहस के दौरान सीतारमण […]
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ऋण और जमा वृद्धि के बीच व्यापक अंतर इनके संबंधित आधार (बेस इफेक्ट) की वजह से हैं और उच्च ऋण वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत को दर्शाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट (BFSI Summit) में आज ये बातें कहीं। कार्यक्रम के दौरान बातचीत में […]
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नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया का मानना है कि 2022-23 में भारतीय इकोनॉमी सात फीसदी से अधिक की दर से बढ़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आगामी बजट में कुछ हैरान करने वाले ‘प्रतिकूल’ कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो अगले वित्त वर्ष में भी यह वृद्धि दर बनी रहेगी। पनगढ़िया […]
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एक सख्त माहौल में मौद्रिक नीति कार्रवाई में समय से पहले रोक लगाना एक महंगी गलती साबित हो सकती है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) में पांच अन्य सदस्यों के साथ ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बारे में फैसला करते वक्त भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह राय जाहिर की थी। MPC […]
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