आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि कोविड-संबंधित ऋण छूट समाप्त होने के बाद बैंकों का एक और परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा (एक्यूआर) चरण होना चाहिए, भले ही इस तरह के पिछले प्रयास में बैंकों में फंसे कर्ज की अनिश्चितता का सही तरीके से पता लगाने में सफल नहीं रहने के लिए आरबीआई […]
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आर्थिक समीक्षा में शुक्रवार को आवास, शौचालय, पीने के पानी और खाना पकाने के स्वच्छ ईंधन की गुणवत्ता मापने के लिए ‘बेयर नेसेसिटीज इंडेक्स ‘ (बीएनआई) नामक एक संयुक्त सूचकांक शुरू किया गया है। बेयर नेसेसिटीज इंडेक्स मूल आवश्यकताओं की डिलिवरी की प्रगति को मापेगा। रुडयार्ड किपलिंग की जंगल बुक को उद्धृत करते हुए समीक्षा […]
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एक तरफ आर्थिक समीक्षा में नवाचार के महत्व के बारे में बात की गई है तो वहीं भारत की कुछ सबसे बड़ी कंपनियां अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) के लिए निर्धारित राशि पर धीमी गति से काम कर रही हैं। बीएसई 500 सूचकांक में शामिल 434 कंपनियों के विश्लेषण से पता चलता है कि व […]
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अनुसंधान एवं विकास में निवेश को बढ़ावा देना भारत के लिए सकल घरेलू उत्पाद के मामले में वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने के लिए अहम होगा और इसकी कुंजी निजी क्षेत्र द्वारा निवेश में वृद्धि करने में निहित होगी। शोध एवं विकास के लिए यह बात आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 […]
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर एक बार फिर से शुक्रवार को हजारों की तादाद में किसान एकत्र होने लगे तब संसद में पेश किए गए आर्थिक समीक्षा और उससे पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण के माध्यम से केंद्र सरकार ने इन कानूनों का समर्थन जोरदार तरीके से किया और कहा कि […]
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कोविड महामारी की वजह से हेल्थकेयर सुर्खियों में है। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि आगामी स्वास्थ्य संकट की तैयारी के लिए क्षेत्र पर खर्च बढ़ाने और साथ ही नियमन एवं निगरानी के लिए सेक्टोरल नियामक बनाए जाने की भी जरूरत है। यह स्वास्थ्य संकट कोविड-19 से काफी अलग हो सकता है। आर्थिक समीक्षा […]
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जीवन बचाना धर्म करने जैसा कोविड-19 महामारी से निपटने में देश ने जो तत्परता दिखाई है वह महाभारत के उस कथन से बिल्कुल मेल खाती है कि संकट से घिरे जीवन को बाहर निकालना धर्म का मूल है समीक्षा में महामारी से जुड़े विषयों और आर्थिक शोध का भी हवाला दिया गया है, खासकर स्पैनिश […]
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मांग में तेजी बरकरार रखने के लिए आर्थिक समीक्षा में प्रोत्साहन देने की गुंजाइश बरकरार रखने का सुझाव दिया गया है। समीक्षा में कहा गया है कि देश इस समय भीषण आर्थिक चुनौतियों से धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है इसलिए इसे और मजबूती देने के लिए राजकोषीय मोर्चे पर कोशिशें जारी रखने की जरूरत है। […]
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अनिश्चितता के माहौल में अधूरे अनुबंधों और विनियमों के कारण जरूरत से अधिक विनियमन होता है। विनियमों और विवेकपूर्ण निर्णय के बीच सामंजस्य न होने के कारण होने वाले नुकसान को दूर करते हुए आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि इस प्रकार के मामलों को पहले देखना और फिर दुनिया के सभी (अथवा अधिकतर) […]
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आर्थिक समीक्षा में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू कीमतों पर 15.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। समझा जा रहा है कि आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में मुख्य दरों और अनुपातों के निर्धारण में वद्धि दर का यह अनुमान अहम भूमिका अदा कर सकता है। चालू वित्त वर्ष […]
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