भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच व्यापार और निवेश में विश्वसनीय व बेहतर आपूर्ति शृंखला विकसित करने के लिए आज नई पहल की घोषणा की गई। वरिष्ठ अधिाकरियों ने कहा कि यह व्यवस्था एशिया प्रशांत क्षेत्र के मौजूदा और प्रस्तावित कारोबारी समझौतों के लिए दीर्घावधि के हिसाब से काम करेगी। इसमें प्रस्तावित क्षेत्रीय समग्र आर्थिक […]
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चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में संकुचन के अनुमान ज्यादातर एजेंसियों ने पहले की तुलना में बढ़ा दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट के बाद अब पूरे वित्त वर्ष में दो अंकों की गिरावट के अनुमान लगा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि […]
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कोरोनावायरस महामारी और उसे रोकने के लिए की गई देशबंदी के दौरान 4 महीने के संकुचन के बाद अगस्त महीने में विनिर्माण गतिविधियों ने गति पकड़ी है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 प्रतिशत के भारी संकुचन के आधिकारिक आंकड़े आने के एक दिन बाद आए इन आंकड़ों […]
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अगस्त में तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया और पिछले साल अगस्त की तुलना में इसमें 12 फीसदी की कमी आई है। अगस्त में 86,449 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार में अभी क्क्त लगेगा। हालांकि सकारात्मक पक्ष […]
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अर्थव्यवस्था खुलने के साथ जुलाई महीने में 8 प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन में गिरावट कम हुई है, लेकिन पिछले साल की तुलना में अभी भी 9.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उद्योगों को मांग में कमी, नकदी के संकट और श्रमिकों की कमी के संकट से जूझना पड़ रहा है, जिसकी वजह से […]
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भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने आज उम्मीद जताई कि आने वाली तिमाहियों में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बाहरी झटकों के कारण अर्थव्यवस्था 23.9 प्रतिशत संकुचित हुई है और आगे इसमें सुधार होगा। सकल घरेलू (जीडीपी) के आंकड़े जारी होने के बाद […]
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देश की अर्थव्यवस्था में करीब चार दशक बाद पहली बार संकुचन देखा गया। अप्रैल-जून तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट आई है। 1980 के बाद संभवत: पहली बार जीडीपी में संकुचन आया है। कोविड के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन और आर्थिक गतिविधियों के […]
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पूंजीगत सामान एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए जुलाई महीने में टेंडर जारी करना एवं परियोजनाएं आवंटित करने जैसी गतिविधियां पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी रहीं। हालांकि इस तेजी के बाद भी, विशेषज्ञों का कहना है कि नए ऑर्डरों एवं उनके अनुपालन के लिहाज से सितंबर तिमाही भी काफी कठिन रहेगी। सालाना आधार पर इन […]
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अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत वित्तीय घाटे से निपटने के लिए राज्यों को केंद्र द्वारा दिए गए दो विकल्पों के बाद चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्यों का राजकोषीय घाटा उनके सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 4.2 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत के दायरे में रहेगा। इससे […]
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कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए की गई देशबंदी के असर के कारण वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 35 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, लेकिन सांख्यिकी कार्यालय 15-16 प्रतिशत गिरावट दिखा सकता है। इसकी वजह यह है कि अनौपचारिक क्षेत्र में गिरावट के सही आंकड़े […]
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