पूंजी की कमी का सामना कर रही गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए सरकार ने भले ही घोषित विशेष सहायता राशि के तहत पूंजी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है लेकिन बाद भी इन कर्जों के कोई लिवाल नहीं मिल रहे हैं। दीगर बात है कि इन दिनों ऐसे कर्जों पर ब्याज दरों में 200 […]
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बिजली के मसले पर योजना आयोग और विद्युत मंत्रालय के बीच टकराव शुरू हो गया है। आयोग ने मंत्रालय को उसके हिस्से की बची बिजली खुले बाजार में बेचने का सुझाव दिया था, लेकिन मंत्रालय को यह मशविरा बिल्कुल भी नहीं भा रहा है और दोनों इस मसले पर आमने सामने आ रहे हैं। देश […]
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मौजूदा वैश्विक ऋण संकट का असर दुनिया में औद्योगिक धुएं का प्रदूषण रोकने की योजनाओं पर पड़ने लगा है। एसोचैम के एक ताजा अध्ययन में कहा गया कि वित्तीय संकट के चलते अमीर देश ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने के लिए विकासशील देशों में लगने वाली परियोजनाओं पर खर्च रोकने लगे हैं। एसोचैम ने […]
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वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने आज कहा कि उसे वर्ष 2009 में भारत की विकास दर घटकर करीब छह फीसदी होने का अनुमान है। एजेंसी ने एक बयान में कहा स्टैंडर्ड एंड पुअर्स का अनुमान है कि वर्ष 2009 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वास्तविक विकास दर घटकर छह फीसदी हो […]
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वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से भारत में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश पर भी बुरा असर पडा है। पिछले साल अप्रैल 2008 से इस साल फरवरी तक की अवधि के दौरान भारत में पीई निवेश में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और यह एक साल पहले के 70,000 करोड रुपये से घटकर 33,000 […]
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फरवरी के अंतिम सप्ताह में दाल, डेयरी उत्पाद और खाद्य तेल सस्ते होने के कारण मुद्रास्फीति लगतार छठे सप्ताह घटकर 2.43 फीसदी हो गई जो पिछले लगभग सात साल का निम्नतम स्तर है। फरवरी 28 को समाप्त सप्ताह के दौरान लोहा एवं इस्पात, कपड़ा, रसायन और बैटरी जैसे विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में भी गिरावट […]
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औद्योगिक उत्पादन में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज हुई और जनवरी के दौरान औद्योगिक उत्पादन में 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई जिससे लगता है कि प्रोत्साहन पैकेज, विनिर्माण और खनन को अब तक प्रभावित करने में असमर्थ रहा है। पिछले साल जनवरी में औद्योगिक उत्पादन में 6.2 फीसदी की वृध्दि दर्ज की गई थी। […]
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वैश्विक मंदी की इस भीषण तपिश में पूरे विश्व में वित्तीय परिसंपत्तियों की कीमतों में पिछले साल 500 खरब डॉलर की कमी आई है। यह बात एशियन डेवलपमेंट बैंक के एक अध्ययन में निकल कर सामने आई है। अध्ययन में पाया गया है कि एशिया के विकासशील भागों पर मंदी का असर कुछ ज्यादा ही […]
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मंदी का असर बुनियादी ढांचा क्षेत्र को भी पटरी से उतार रहा हे। इस क्षेत्र में 6 प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर इस साल जनवरी में घटकर महज 1.4 फीसदी रह गई है। इसकी वजह सीमेंट के अलावा सभी मुख्य क्षेत्रों में प्रदर्शन बिगड़ना रही है। जनवरी 2008 में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के 6 प्रमुख […]
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आने वाले कुछ दिनों में भारतीय कंपनियों को एक बड़ी राहत मिल सकती है जिसके तहत इन कंपनियों को विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड(एफसीसीबी) पर उनकी मियाद पूरी हो जाने पर मार्क-टू-मार्केट घाटे को कम (एमोर्टाइजेशन) करने की अनुमति मिल सकती है। गौरतलब है कि हाल के कुछ दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों […]
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