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कच्चे तेल की कीमतों और भारी सप्लाई से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, 7.25% तक पहुंचने की आशंका

सरकार की योजना वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 8.2 लाख करोड़ रुपये की डेटेड सिक्योरिटीज जारी करने की है, जो मोटे तौर पर पिछले वर्षों के समान ही है

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अनुप्रेक्षा जैन   
Last Updated- April 01, 2026 | 10:02 PM IST

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति के लगातार दबाव के चलते मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के सरकारी बॉन्ड की यील्ड ऊंची बने रहने की उम्मीद है। बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच (जिनसे रुपया दबाव में रह सकता है) बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड अप्रैल के आखिर तक 7.25 फीसदी के स्तर को परख सकती है। डीलरों ने यह जानकारी दी। इसके अलावा, राज्य विकास ऋणों (एसडीएल) की भारी आपूर्ति से भी यील्ड पर और ऊपर की ओर दबाव पड़ने की संभावना है।

बाजार के एक प्रतिभागी ने कहा, अप्रैल के आखिर तक यील्ड 7.25 फीसदी (बेंचमार्क 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर) तक पहुंचने की संभावना है। तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव जारी रहने की संभावना है। बेंचमार्क 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर यील्ड वित्त वर्ष 26 में 7.04 फीसदी पर स्थिर रही।

प्राइमरी डीलरशिप के एक डीलर ने कहा, अगर हालात नहीं सुधरते हैं तो हम 7.25 फीसदी के स्तर को छू सकते हैं। उन्होंने कहा, अनिश्चितता बहुत ज्यादा है और उम्मीद है कि यील्ड धीरे-धीरे ऊपर ही जाएगी।

सरकार की योजना वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 8.2 लाख करोड़ रुपये की डेटेड सिक्योरिटीज जारी करने की है, जो मोटे तौर पर पिछले वर्षों के समान ही है। हालांकि बाज़ार को इस आपूर्ति को एसडीएल कैलेंडर के साथ-साथ ही खपाना होगा।

First Published : April 1, 2026 | 10:00 PM IST