पिछले दो साल में नई ऊंचाइयां छूने के बाद वित्त वर्ष 2026 में इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं के शुद्ध पूंजी निवेश में कमी आई। फरवरी तक इनमें लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आया। यह वित्त वर्ष 2025 की कुल आवक से लगभग 27 प्रतिशत कम है। इसकी वजह यह रही कि बाजार में उतार-चढ़ाव ने एकमुश्त निवेश पर असर डाला और नए फंड पेश करने की गति धीमी पड़ गई।
वित्त वर्ष 2026 इक्विटी बाजारों के लिए प्रदर्शन के लिहाज से कमजोर रहा। इस दौरान निफ्टी-50 सूचकांक में 5.1 प्रतिशत की गिरावट आई और सेंसेक्स 7.1 प्रतिशत
फिसल गया।
लेकिन इक्विटी के निवेश में आई कमी की भरपाई हाइब्रिड फंडों और गोल्ड ईटीएफ में आए मजबूत निवेश से हो गई। इन फंड योजनाओं में इस साल करीब 1 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इन दोनों फंड श्रेणियों ने मिलकर वित्त वर्ष 2025 में 1.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि वित्त वर्ष 2026 (फरवरी तक) में इनमें 2.38 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। मार्च का आंकड़ा अप्रैल के दूसरे सप्ताह में आने की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल ऐसेट मैनेजमेंट में कार्यकारी निदेशक और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा, ‘बढ़ती अस्थिरता, वैश्विक अनिश्चितताओं और हालिया बाजार गिरावट के बीच, निवेशकों की प्राथमिकता स्पष्ट रूप से पूंजी संरक्षण की ओर हो गई है। यह ऐसेट एलोकेशन फंड और गोल्ड-ऐंड-सिल्वर-लिंक्ड योजनाओं में आए मजबूत निवेश में स्पष्ट दिखता है, हालांकि शुद्ध इक्विटी के लिए आए निवेश में गिरावट आई है। इक्विटी में भी निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित श्रेणियों जैसे फ्लेक्सीकैप और लार्जकैप फंडों की ओर गया है।’
फ्लेक्सीकैप योजनाएं फंड श्रेणियों में शीर्ष श्रेणी के रूप में उभरीं। निवेशकों ने इन योजनाओं में लगभग 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। मिडकैप और स्मॉलकैप फंड पिछले दो वर्षों की अधिकांश अवधियों में सबसे लोकप्रिय श्रेणियां थीं, वे अन्य दो सबसे लोकप्रिय इक्विटी योजनाओं के रूप में उभरीं, हालांकि इनमें आने वाला निवेश कुछ हद तक कमजोर पड़ गया।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया में शोध प्रमुख हिंमाशु श्रीवास्तव ने भी निवेशकों की पसंद में बदलाव का श्रेय शेयर बाजारों की अस्थिरता को दिया।
उन्होंने कहा, ‘इसके विपरीत, हाइब्रिड और कमोडिटी-केंद्रित रणनीतियों को वित्त वर्ष 2026 में इस माहौल से फायदा हुआ है। हाइब्रिड फंडों ने विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में आवंटन के माध्यम से जोखिम और रिटर्न को संतुलित करने की अपनी क्षमता के कारण निवेशकों को खींचा है।’
मल्टी-ऐसेट फंड वर्ष 2022 तक विशिष्ट फंड पेशकश थे। उन्होंने वित्त वर्ष 2026 में लोकप्रियता जारी रखी। इस श्रेणी ने मजबूत प्रदर्शन के आधार पर वर्ष के पहले 11 महीनों में 60,000 करोड़ रुपये का शुद्ध पूंजी प्रवाह आकर्षित किया।
सिल्वर ईटीएफ को भी कीमती धातुओं की तेजी से लाभ हुआ। वित्त वर्ष 2026 (फरवरी तक) में योजनाओं में शुद्ध पूंजी निवेश 31,000 करोड़ रुपये रहा, जो वर्ष की शुरुआत में श्रेणी की एयूएम से दोगुना से अधिक है।