facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मजबूत मुनाफे के दम पर 25,900 के पार जाएगा निफ्टी, चार दिन की गिरावट के बाद नोमूरा ने किया बड़ा दावा

Advertisement

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमूरा ने मजबूत कॉरपोरेट मुनाफे और बेहतर वैल्यूएशन के दम पर मार्च 2027 के लिए निफ्टी का लक्ष्य बढ़ाकर 25,900 कर दिया है

Last Updated- June 02, 2026 | 9:20 PM IST
NSE Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नोमूरा ने निफ्टी 50 का मार्च 2027 का अपना लक्ष्य बढ़ाकर 25,900 कर दिया है। इसके पीछे उसने मजबूत कॉरपोरेट आय और बाजार के आकर्षक मूल्यांकन का हवाला दिया है। यह इसके बावजूद है जब पश्चिम एशिया संघर्ष और तेल की बढ़ी कीमतों के जोखिम बरकरार हैं। उसने इससे पहले दिसंबर 2026 तक निफ्टी का लक्ष्य 24,900 तय किया था। अब नया लक्ष्य मौजूदा निफ्टी स्तर (लगभग 23,287) से 11 प्रतिशत अधिक है। 

नोमूरा इंडिया के इक्विटी रणनीतिकार सायन मुखर्जी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में 256 कंपनियों का कुल कर बाद लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़ा, जो आम अनुमानों से 12 प्रतिशत ज्यादा है। ऊर्जा क्षेत्र, जिसमें तेल और गैस, बिजली, कोयला और बिजली उपकरण कंपनियां शामिल हैं, ने आय वृद्धि में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान दिया। बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई। 

नोमूरा के अनुसार मजबूत आय को कर कटौती और अनुकूल मौद्रिक नीति के माहौल के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेजी से सहारा मिला। फाइनैंस और कमोडिटीज को छोड़ दें तो बिक्री में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। लेकिन एबिटा में 6 प्रतिशत की वृद्धि से मार्जिन पर कुछ दबाव का संकेत मिला। मजबूत तिमाही प्रदर्शन के बावजूद नोमूरा ने आय की आदे की संभावनाओं को ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताया, क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष और कमोडिटी की बढ़ती कीमतें अब कॉरपोरेट मुनाफे पर असर डालने लगी हैं।

मुखर्जी ने कहा, ‘फरवरी 2026 के आखिर में पश्चिम एशिया युद्ध की शुरू होने के बाद से वित्त वर्ष 2027/28 के लिए कुल आय अनुमान को 4 प्रतिशत/1 प्रतिशत तक कम किया गया है।’ 

उन्होंने कहा कि आम राय के अनुसार वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान आय की सालाना वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो मोटे तौर पर जीडीपी वृद्धि के अनुरूप है। इसका मतलब है कि आय-जीडीपी अनुपात में और विस्तार की गुंजाइश सीमित है। ब्रोकरेज ने आगाह किया कि अगर तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो और डाउनग्रेड की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

Advertisement
First Published - June 2, 2026 | 9:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement