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सबसे मजबूत स्तर पर चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात, अक्टूबर में बाजार की बढ़त हुई व्यापक

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इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख चोकालिंगम जी ने कहा, कई मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट आई है, खासकर उनमें जो महंगे भावों पर कारोबार कर रहे थे

Last Updated- November 02, 2025 | 9:59 PM IST
Stock Market Today

अक्टूबर में चढ़ने और गिरन वाले शेयरों का अनुपात (एडीआर) जून के बाद अपने सबसे मज़बूत स्तर पर पहुंच गया। इससे पता चलता है कि बाजार में बढ़त व्यापक आधार पर हुई। अक्टूबर में एडीआर बढ़कर 1.08 पर पहुंच गया, जो चार महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

अगस्त में छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद जब विदेशी पूंजी निवेश में नरमी आई तो पिछले दो महीनों में बाजार की व्यापकता के संकेतकों में लगातार सुधार दिखाई दिया।

एडीआर एक निश्चित अवधि में गिरावट वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या को मापता है; 1 से ऊपर का आंकड़ा संकेत देता है कि गिरावट की तुलना में ज्यादा शेयरों में बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर में भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आई, जिसका कारण कंपनियों की अच्छी आय तथा अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर यह आशावाद था कि टैरिफ को करीब 50 फीसदी से घटाकर 15-16 फीसदी तक किया जा सकता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती करने और अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में तनाव कम होने के संकेतों से मनोबल को मजबूती मिली। लेकिन अमेरिका-भारत समझौते की अंतिम रूपरेखा पर अनिश्चितता और ऊंची कीमतों के कारण उच्च स्तर पर मुनाफावसूली को बल मिला और कुल बढ़त में कमी आई।

शुक्रवार के बंद स्तर के लिहाज से सेंसेक्स और निफ्टी अपने-अपने रिकॉर्ड उच्चस्तर से क्रमश: 2.2 फीसदी और 1.9 फीसदी नीचे थे। निकट भविष्य में बाजार पर दबाव पड़ सकता है क्योंकि आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों की बाढ़ और हाल में सूचीबद्ध कंपनियों की लॉक-इन अवधि समाप्त होने के कारण सेकंडरी बाजार की नकदी में कमी की आशंका है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख चोकालिंगम जी ने कहा, कई मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट आई है, खासकर उनमें जो महंगे भावों पर कारोबार कर रहे थे। खुदरा निवेशकों के पास भी मुनाफावसूली और पैसा दोबारा लगाने के सीमित अवसर हैं।

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First Published - November 2, 2025 | 9:59 PM IST

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