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तकनीकी खामियों पर सेबी ने नुवामा को दी राहत, बिना जुर्माना बंद हुई न्यायिक कार्यवाही

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अधिकारी ने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान उत्पन्न ऐसी कमियों के लिए स्वतः दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि वे गंभीर न हों या बार-बार न दोहराई जाएं

Last Updated- December 01, 2025 | 10:38 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नुवामा वेल्थ ऐंड इन्वेस्टमेंट के खिलाफ न्यायिक कार्यवाही को बिना कोई मौद्रिक जुर्माना लगाए खत्म कर दिया है। सेबी का निष्कर्ष है कि निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघन इतने गंभीर नहीं थे कि दंडात्मक कार्रवाई की जरूरत हो।

स्टॉक ब्रोकिंग नियमों के अनुपालन, रिकॉर्ड के रखरखाव और विभिन्न परिपत्रों के अनुपालन का आकलन करने के लिए नियामक ने अगस्त 2023 की अवधि के लिए नुवामा का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें फिजिकल कॉन्ट्रेक्ट नोटों का नहीं भेजना, कई ग्राहकों के लिए एक ही या अमान्य ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों का उपयोग, बाउंस लॉग का अपर्याप्त रखरखाव, केवाईसी सत्यापन में कमियां शामिल हैं। साथ ही, यह मसला कि किसी ग्राहक का ट्रेडिंग जोखिम उसकी घोषित आय से मेल खाता है या नहीं।

इन निष्कर्षों के बाद सेबी ने अप्रैल 2024 में ब्रोकर को कई नियामक प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। जवाब में नुवामा ने तर्क दिया कि ये खामियां तकनीकी प्रकृति की थीं, ग्राहकों की गलत सूचना के कारण हुईं और इनसे कोई प्रणालीगत समस्या या निवेशकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। उसने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाओं को और मजबूत किया है।

प्रस्तुतियों पर विचार करने और सुनवाई के बाद न्यायिक अधिकारी ने टिप्पणी की, हालांकि खामियां स्पष्ट थीं, लेकिन उनमें न तो धोखाधड़ी हुई और न ही निवेशकों को नुकसान हुआ या अनुपातहीन लाभ हुआ। अधिकारी ने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान उत्पन्न ऐसी कमियों के लिए स्वतः दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि वे गंभीर न हों या बार-बार न दोहराई जाएं।

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First Published - December 1, 2025 | 10:38 PM IST

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