भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने देश के पूंजी बाजार को और मजबूत करने के लिए व्यापक खाका पेश किया। शुक्रवार को पेश इस योजना में शॉर्ट सेलिंग और सिक्योरिटीज लेंडिंग ऐंड बॉरोइंग (एसएलबी) ढांचे की समीक्षा, बॉन्ड इंडेक्स डेरिवेटिव शुरू करना और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार इस्तेमाल पर नए दिशानिर्देश शामिल हैं।
ईटी नाउ मार्केट समिट में बोलते हुए पांडेय ने कहा कि नियामक का ध्यान बाजार में बाधाएं कम करने, बाजार में लोगों की भागीदारी बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच वृद्धि सुनिश्चित करने पर रहेगा। कैश मार्केट को मजंबूत करने की कोशिशों के तहत सेबी एसएलबीऔर शॉर्ट-सेलिंग फ्रेमवर्क की पूरी तरह से समीक्षा कर रहा है ताकि कैश और डेरिवेटिव बाजार के बीच जुड़ाव मजबूत किया जा सके और लिक्विडिटी बढ़ाई जा सके। पांडेय ने कहा, हम आरबीआई के साथ मिलकर बॉन्ड इंडेक्स पर डेरिवेटिव लाने पर भी विचार करेंगे।
बाजार नियामक लंबी अवधि के फ्यूचर्स ऐंड ऑप्शंस अनुबंधों के जरिये इक्विटी डेरिवेटिव मार्केट को बढ़ाने के तरीकों पर भी गौर कर रहा है। कमोडिटी डेरिवेटिव के मामले में सेबी कई उपायों पर विचार कर रहा है। इनमें ऑप्शंस अनुबंधों के लिए अर्ली पे-इन की सुविधा देना, चुनिंदा कृषि जिंसों के लिए धीरे-धीरे फिजिकल सेटलमेंट की ओर बढ़ना और पोजीशन लिमिट की समीक्षा करना शामिल है।
पांडेय ने कहा कि सेबी इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर रहा है ताकि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, बायोटेक्नॉलजी, एडवांस्ड मटीरियल्स और डिफेंस टेक्नॉलजी जैसे रणनीतिक सेक्टरों में काम करने वाली कंपनियों की पूंजी तक पहुंच बेहतर हो सके।
डेट मार्केट में नियामक कॉरपोरेट बॉन्डों के लिए मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क, म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को मजबूत करने के उपायों और कॉरपोरेट बॉन्डों के टोकनाइजेशन पर काम कर रहा है। सेबी प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि म्युनिसिपल डेट सिक्योरिटीज और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) से जुड़े नियमों की समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा, नियामक डीलिस्टिंग फ्रेमवर्क की और समीक्षा करने की योजना बना रहा है और लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स ऐंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) नियमों में बदलाव पर विचार कर रहा है, ताकि उन्हें बदलते गवर्नेंस और डिस्क्लोजर की जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाया जा सके।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के बारे में पांडेय ने कहा कि सेबी आसान केवाईसी नियमों और डिस्क्लोजर नियमों की जोखिम आधारित समीक्षा के जरिये बाजार तक पहुंच आसान बनाना जारी रखेगा। नियामक, एनआरआई के लिए केवाईसी प्रक्रिया आसान बनाने के लिए दूसरी प्राधिकारियों के साथ भी काम करेगा।
पांडेय ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) सेबी के नियामकीय एजेंडा का अहम हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि नियामक पूंजी बाजार में जिम्मेदारी के साथ एआई के इस्तेमाल पर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा। यह ढांचा निगरानी, धोखाधड़ी का पता लगाने और निवेशकों को सेवा देने में एआई के फायदों और पारदर्शिता, पक्षपात, साइबर सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े जोखिमों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगा।