बाजार नियामक सेबी ने कई एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध शेयरों के लिए आधार कीमतें और रोजाना का मूल्य दायरा तय करने के लिए एक जैसे सिस्टम का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद कम ट्रेडिंग वाले शेयरों की कीमतों में अंतर कम करना है। इस प्रस्ताव के तहत, अगर किसी दिन कोई शेयर सिर्फ एक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है तो बाकी सभी एक्सचेंज अगले दिन के कीमत दायरे और प्री-ओपन कॉल ऑक्शन आधार कीमत तय करने के लिए उसी एक्सचेंज के बंद भाव का इस्तेमाल करेंगे।
अगर कोई शेयर एक से ज्यादा एक्सचेंज पर ट्रेड होता है, लेकिन सभी पर नहीं, तो जिस एक्सचेंज पर कोई ट्रेड नहीं होता, वे उस एक्सचेंज के बंद भाव को अपनाएंगे, जहां सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया गया होगा। जहां सभी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग होती है या किसी पर भी नहीं, वहां हर एक्सचेंज अपने बंद भाव का ही इस्तेमाल करेगा।
सेबी ने कहा कि एक्सचेंज का अपने पिछले दिन के बंद भाव के आधार पर अलग-अलग कीमत दायरा तय करने का मौजूदा तरीका, कम ट्रेडिंग वाले शेयरों (इलिक्विड स्टॉक) की कीमतों में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। अगर लगातार खरीदारी की दिलचस्पी बनी रहे और किसी एक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग न हो तो कीमतों में यह अंतर बना रह सकता है और इससे लिक्विडिटी और भी कम हो सकती है।
इस ढांचे को लागू करने के लिए एक्सचेंजों को बंद भाव का आंकड़ा साझा करने के लिए समझौते करने पड़ सकते हैं। यह प्रस्ताव अप्रैल में हुई चर्चा के बाद सेकंडरी बाजार सलाहकार समिति की सिफारिशों पर आधारित है।