Yes Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के स्टॉक पर एक बार फिर निवेशकों की नजर है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के नतीजों की बात करें, तो बैंक की परफॉर्मेंस दमदार रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही मुनाफा भी 45 फीसदी बढ़ा है। इस तरह बैंक ने चौथी तिमाही (Q4FY26) में मजबूत वापसी के संकेत दिए हैं। ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्युरिटीज का मानना है कि दमदार प्रदर्शन के बावजूद आगे की ग्रोथ के लिए बैंक को स्लिपेज और कॉस्ट कंट्रोल पर ध्यान देना होगा। सोमवार (20 अप्रैल) को शेयर 1.7 फीसदी से ज्यादा फिसलकर बंद हुआ।
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने यस बैंक पर ‘होल्ड’ की सलाह दी है। टारगेट प्राइस 24 रुपये से घटाकर 21 रुपये कर दिया। सोमवार को शेयर 1.73 फीसदी फिसलकर 19.85 रुपये पर बंद हुआ। BSE पर स्टॉक का 52 हफ्ते के हाई (24.30 रुपये) करीब 19 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। बीते एक साल के दौरान शेयर की परफॉर्मेंस लगभग सपाट रही है। बैंक का मार्केट कैप 62,288 करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया।
ब्रोकरेज का कहना है कि सिक्योरिटी रिसीट्स’ (SRs) पोर्टफोलियो में रिकवरी का फायदा स्टॉक को मिल सकता है। हालांकि स्लिपेज में बढ़ोतरी को लेकर जोखिम बना हुआ है। बता दें, आमतौर पर SR रिकवरी का मतलब बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर आमतौर पर ‘सिक्योरिटी रिसीट्स’ (SRs) की वसूली से होता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत ‘एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों’ (ARCs) द्वारा अधिग्रहीत बैड लोन्स से फंड की वसूली जाती है।
ब्रोकेरज रिपोर्ट का कहना है कि यस बैंक ने FY26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 45 फीसदी बढ़ा है। यह अनुमान के अनुरूप रहा, लेकिन 340 करोड़ रुपये के आकस्मिक प्रावधान हटाने के बाद प्रदर्शन और बेहतर दिखाई देता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही के दौरान बैंक का रिटर्न ऑन एसेट (RoA) 1 फीसदी तक पहुंच गया, जबकि पूरे FY26 के लिए यह 0.8 फीसदी रहा। बैंकिंग सेक्टर में जहां NIM पर दबाव देखा जा रहा है, वहीं यस बैंक ने तिमाही और सालाना आधार पर NIM में बढ़त दर्ज की है। इसका मुख्य कारण RIDF (Rural Infrastructure Development Fund) का कम होना है। RIDF अब बैंक की कुल संपत्ति का करीब 6 फीसदी रह गया है और FY27 तक इसे 5 फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य है।
ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक ने FY27 में पूरे सिस्टम के बराबर ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। बैंक को उम्मीद है कि FY27 में रिटेल ग्रोथ 10-11 फीसदी तक पहुंचेगी। कुल क्रेडिट ग्रोथ 13-15 फीसदी रह सकती है।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 45 फीसदी (YoY) बढ़ गया। बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसका स्टैंडअलोन मुनाफा 1,068 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 739 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल आय पिछले साल के 9,356 करोड़ रुपये से बढ़कर 9,381 करोड़ रुपये हो गई।
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यस बैंक के कामकाज में सबसे बड़ा सुधार इसके लोन वितरण (Advances) में दिखा है। बैंक के लोन पोर्टफोलियो में सालाना आधार पर 10.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही की 5.2 फीसदी ग्रोथ के मुकाबले काफी बेहतर है। इस बढ़त में कॉरपोरेट सेक्टर को दिए गए कर्ज का बड़ा योगदान रहा। वहीं, बैंक की जमा राशि (Deposits) में भी 12.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अगर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) की बात करें, तो यह 7,616 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,650 करोड़ रुपये हो गई है।
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी इस बार साफ सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस एनपीए (GNPA), जो पिछली तिमाही में 1.5 फीसदी था, अब घटकर 1.3 फीसदी पर आ गया है। वहीं, बैड लोन्स के लिए अलग रखी जाने वाली रकम में 41 फीसदी की कमी आई है और यह अब 187 करोड़ रुपये रह गई है।
डिस्क्लेमर: यहां शेयर पर सलाह ब्रोकरेज ने दी है। ये बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी के विचार नहीं हैं। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।