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रियल एस्टेट में घरेलू पूंजी का दबदबा: 2025 में DII ने 52% हिस्सेदारी हासिल की

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2026 की पहली तिमाही में निवेश सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 1.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसका पूरा वित्त पोषण देसी संस्थागत निवेशकों ने किया

Last Updated- May 05, 2026 | 10:39 PM IST
Real Estate

जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में भारत के घरेलू  संस्थागत निवेशकों ने रियल एस्टेट सेक्टर में 52 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली और 2014 के बाद यह पहला मौका है जब इस उद्योग में देसी पूंजी का दबदबा रहा। 2026 की पहली तिमाही में निवेश सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 1.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसका पूरा वित्त पोषण देसी संस्थागत निवेशकों ने किया। यह वृद्धि इसके बावजूद हुई जब वैश्विक व्यापक आर्थिक जटिलताओं के कारण निर्णय लेने में लंबा समय लग रहा था। इससे भारत के रियल एस्टेट बाजार के लचीलेपन और बुनियादी मजबूती का पता चलता है।

2026 की पहली तिमाही में मुख्य संपत्ति के क्षेत्र में सौदे 178 फीसदी बढ़कर 1.03 अरब डॉलर हो गए और दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 1.48 अरब डॉलर रहा। जेएलएल इंडिया की वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और पूंजी बाजार प्रमुख लता पिल्लई ने कहा, घरेलू पूंजी हमारे बाजार की रीढ़ बनी हुई है, जिसमें रीट्स तरलता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सौदों की गति मजबूत बनी हुई है क्योंकि सीमा पार के निवेशक सफलतापूर्वक सौदे पूरे कर रहे हैं। भारत के संरचनात्मक विकास के कारण हम 2026 तक इस विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिहाज से अच्छी स्थिति में हैं।

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First Published - May 5, 2026 | 10:17 PM IST

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