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निफ्टी-50 कंपनियों की दो अंक में आय वृद्धि की उम्मीद: हरीश कृष्णन

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हरीश कृष्णन का कहना है कि बाजार की रिकवरी के अगले दौर के लिए कमाई में लगातार बढ़ोतरी, मुद्रा में स्थिरता और निजी पूंजी खर्च में फिर से तेजी अहम होंगी

Last Updated- April 21, 2026 | 2:53 PM IST
Harish Krishnan, CIO – Equity, Aditya Birla Sun Life AMC
आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के मुख्य निवेश अ​धिकारी (इक्विटी) हरीश कृष्णन

आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के मुख्य निवेश अ​धिकारी (इक्विटी) हरीश कृष्णन का कहना है कि बाजार की रिकवरी के अगले दौर के लिए कमाई में लगातार बढ़ोतरी, मुद्रा में स्थिरता और निजी पूंजी खर्च में फिर से तेजी अहम होंगी। मुंबई में अभिषेक कुमार को एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि आय के बढ़ते चक्र के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं और कंपनियों की बिक्री और परिचालन में सुधार हो रहा है। उनसे बातचीत के अंश:

हाल की तेजी से बदलते दौर में आप अपने फंडों का प्रबंध कैसे करते हैं?

हमारी योजनाओं के बड़े आकार को देखते हुए बाजार की गहमागहमी पर लगातार प्रतिक्रिया देना संभव नहीं है। मुख्य पोर्टफोलियो भी मध्यम से लंबी अवधि के नजरिये से तैयार किया गया है। हालांकि, हम पोर्टफोलियो के एक छोटे हिस्से के साथ छोटी अवधि के फैसले लेते हैं और इस फंड का इस्तेमाल उन बदलावों पर करते हैं जिनके अगले तीन से छह महीनों में होने की उम्मीद होती है।

हाल के सप्ताहों में इस सेगमेंट में हलचल थोड़ी ज्यादा रही है। जहां आम तौर पर पोर्टफोलियो के 2-3 प्रतिशत हिस्से में बदलाव होता है, वहीं इस बार लगभग 5-10 प्रतिशत हिस्से में बदलाव देखने को मिला है।

अमेरिका-ईरान टकराव को देखते हुए आपने किस तरह का सेक्टोरल बदलाव किया है?

पहला क्षेत्र एनर्जी इस्तेमाल करने वाली कंपनियां हैं। इन शेयरों में जरूरत से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। हमारा मानना ​​है कि ऊर्जा कीमतों में अचानक आई तेजी का असर कुछ समय के लिए ही रहेगा, खासकर संगठित कंपनियों पर।

दूसरा, बड़े पैमाने पर दोबारा निर्माण, या फिर से औद्योगीकरण का मौका है। यह सिर्फ ऑटो और उससे जुड़े उद्योगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पाइप और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों तक भी फैला हुआ है। जैसे-जैसे एशिया, यूरोप और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में फिर से औद्योगीकरण की रफ्तार तेज होगी, कई तरह के उत्पादों और कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और हम इसी मौके का फायदा उठाना चाहते थे।

तीसरा क्षेत्र फाइनैंशियल है। इस बारे में हमारा नजरिया यह है कि कंपनियों की कमाई में कोई खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन इस क्षेत्र पर बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से एफपीआई द्वारा पैसे निकालने की वजह से पड़ा है।

बाजार की रिकवरी के अगले दौर के प्रमुख संकेतक क्या होंगे?

हमारे लिए अंततः यह कमाई पर निर्भर करता है। पहला कारक लगातार आय दर्ज करना है। दो अंक की वृद्धि से अधिक विश्वास आता है। दूसरा मुद्रा स्थिरता है, जहां मूल्यह्रास से कमाई को मदद मिल सकती है। व्यापक विश्वास के लिए स्थिरता महत्त्वपूर्ण है।

तीसरा निजी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में सुधार है। भविष्य के विकास के लिए कच्चा माल वह निवेश है जो आज किया जा रहा है। हालांकि कंपनियां मजबूत मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन मुख्य सवाल यह है कि क्या वे उस पूंजी को इस्तेमाल करने की इच्छुक हैं। हमने पिछले कुछ वर्षों में अ​धिक पूंजीगत खर्च करने वाली कंपनियों की संख्या में वृद्धि देखी है और हम उस रुझान को और मजबूत होते देखना चाहेंगे।

चालू वित्त वर्ष के लिए आपकी आय वृद्धि की क्या उम्मीदें हैं?

साल की शुरुआत में हम निफ्टी-50 कंपनियों की कमाई में लगभग 12-14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे। एनर्जी बास्केट में हुए बदलावों, मुद्रा की चाल और इन्वेंट्री में नुकसान जैसी कुछ छोटी-मोटी दिकक्तों को देखते हुए इसमें थोड़ी कमी आ सकती है। लेकिन हमें नहीं लगता कि हमारा शुरुआती अनुमान 1-2 प्रतिशत से ज्यादा गलत साबित होगा।

क्या आपको उम्मीद है कि निकट भविष्य में विदेशी निवेश वापस आएगा?

यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैश्विक निवेशक अल्पाव​धि में क्या करेंगे, क्योंकि वे अपने स्वयं के ढांचों के भीतर काम करते हैं। यदि कोई भारत की आर्थिक प्रगति पर भरोसा करता है तो मौजूदा स्थिति में मूल्यांकन के स्तर पर एक सापेक्ष अंतर दिखाई देता है।

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First Published - April 20, 2026 | 10:15 PM IST

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