Motherson Sumi Wiring Share: ऑटो कम्पोनेंट बनाने वाली कंपनी मदरसन सुमी वायरिंग (Motherson Sumi Wiring) के स्टॉक में चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजों के बाद तेजी का मूवमेंट देखने को मिल रहा है। बुधवार को शेयर कारोबारी सेशन में स्टॉक करीब 1.5 फीसदी उछल गया। Q4 में सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 33 फीसदी उछला, जबकि मुनाफा 1 फीसदी बढ़ा है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस मदरसन सुमी वायरिंग पर बुलिश हैं और करीब 53 फीसदी तक अपसाइड के टारगेट दिये हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की सेल्स मजबूत रही। हालांकि, लागत का दबाव बना हुआ है लेकिन क्षमता विस्तार से ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) ने Motherson Sumi Wiring पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹60 प्रति शेयर रखा है। मौजूदा कीमत पर यह स्टॉक FY26, FY27 और FY28 के अनुमानित मुनाफे के आधार पर क्रमशः 42x, 35x और 26x पी/ई मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। मंगलवार को शेयर 39.26 पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक आगे करीब 53 फीसदी का तगड़ा रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के Q4 नतीजे अनुमान के अनुरूप हैं और आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। Q4FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 33% (YoY) बढ़कर ₹3,330 करोड़ रहा, जो अनुमान से बेहतर है। हालांकि, शुद्ध मुनाफा (PAT) महज 1% बढ़कर ₹170 करोड़ रहा, जो अनुमान के अनुरूप है। मुनाफे में सीमित बढ़त की वजह कॉपर की ऊंची कीमतें और करेंसी का प्रतिकूल असर रहा।
नुवामा का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 13% की सालाना वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा। यह ग्रोथ ऑटो इंडस्ट्री में तेजी, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग और इलेक्ट्रिफिकेशन ट्रेंड से मिलेगी। वहीं, कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) में करीब 26% CAGR की तेज बढ़त की उम्मीद है। इसके अलावा, FY27-28 के दौरान कंपनी का औसत RoIC (रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल) करीब 39% रहने का अनुमान है, जो मजबूत एसेट टर्नओवर की वजह से संभव होगा।
ब्रोकरेज फर्म च्वाइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने स्टॉक की रेटिंग को ‘ADD’ से अपग्रेड कर ‘BUY’ कर दिया है। वैल्यूएशन के लिहाज से, ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान क्रमशः 2.7% और 0.9% घटाए हैं, जिससे मुनाफे पर असर पड़ने की संभावना है। इसके बावजूद, टारगेट प्राइस ₹48 प्रति शेयर बरकरार रखा गया है।
च्वाइस ब्रोकिंग का कहना है कि मदरसन सुमी वायरिंग का स्ट्रक्चरल ग्रोथ ट्रेंड मजबूत बना हुआ है, हालांकि मार्जिन पर फिलहाल दबाव बना हुआ है। कंपनी ने इस तिमाही में नए मॉडल लॉन्च और प्रति वाहन अधिक कंटेंट (content per vehicle) की वजह से 32.9% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो इंडस्ट्री औसत से बेहतर है। हालांकि, कॉपर की ऊंची कीमतों के कारण ग्रॉस मार्जिन पर असर पड़ा और तिमाही आधार पर मार्जिन में 293 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई। इसके अलावा, नए ग्रीनफील्ड प्लांट्स के स्टार्ट-अप खर्चों ने भी मार्जिन को प्रभावित किया।
ब्रोकरेज का मानना है कि इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है और यह कर्ज मुक्त (debt-free) है, जिसे मजबूत कैश फ्लो का समर्थन मिला है। कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण EBITDA मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, FY27 से इसमें धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है और FY28 तक यह और मजबूत हो सकता है, जब कंपनी लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाएगी, प्लांट्स की उपयोगिता बढ़ेगी और ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा मिलेगा।
ब्रोकरेज फर्म एमके (Emkay) ने स्टॉक पर ADD रेटिंग बरकरार रखी है और ₹45 का टारगेट प्राइस रखा है, जो FY28 के अनुमानित मुनाफे के 30 गुना P/E पर आधारित है। ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में लगभग 1% का मामूली बदलाव किया है।
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ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि मदरसन सुमी वायरिंग के Q4 नतीजे मिलेजुले रहे। कंपनी की आय (टॉपलाइन) लगातार पांचवीं तिमाही में मजबूत रही और सालाना आधार पर करीब 33% की बढ़त दर्ज की। अगर कॉपर की कीमतों के असर को हटाकर देखा जाए, तो भी ग्रोथ लगभग 29% रही, जो ऑटो इंडस्ट्री की 12% प्रोडक्शन ग्रोथ से काफी बेहतर है।
हालांकि, EBITDA अनुमान से कम रहा और यह बाजार के अनुमान से लगभग 4% और एमके के अनुमान से 11% नीचे रहा। EBITDA मार्जिन (EBITDAM) तिमाही आधार पर करीब 143 बेसिस पॉइंट घटकर 8.2% रह गया हाल के महीनों में कॉपर की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, उसका असर आने वाली तिमाहियों (H1FY27) में दिखेगा, जब कंपनियां इसे ग्राहकों पर पास कर पाएंगी।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के नए ग्रीनफील्ड प्लांट्स की बात करें तो खारखोदा और गुजरात प्लांट लगभग 80% और 60% क्षमता पर चल रहे हैं, जबकि पुणे प्लांट अभी 50% क्षमता पर है, क्योंकि एक ग्राहक ने अपने मॉडल लॉन्च को टाल दिया है। इन तीनों प्लांट्स की कुल राजस्व क्षमता लगभग ₹2,000 करोड़ सालाना है और Q4 में इनका रन-रेट लगभग ₹440 करोड़ रहा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में इन प्लांट्स की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ेगी और FY27 कंपनी के लिए मजबूत साल साबित हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज फर्म्स ने दी है। ये बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी के विचार नहीं हैं। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)