Suzlon Share Outlook: देश के विंड एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी की ओर से ‘Suzlon 2.0’ के एलान के बाद गुरुवार (4 जून) को शेयर में तेजी देखने को मिली। इंट्राडे में शेयर 3 फीसदी उछल गया। कंपनी ने अगले पांच साल का महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान रखा है। इसमें कंपनी अब फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बनने की तैयारी में है। बीते कई महीने से एक रेंज में चल रहे सुजलॉन के शेयर के लिए कंपनी की नई स्ट्रैटेजी एक बूस्टर सेंटीमेंट हो सकता है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि टेक्निकल चार्ट पर शेयर में मजबूती के संकेत हैं।
सुजलॉन की नई योजना भारत के विंड एनर्जी बाजार में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने की है। अभी करीब 30-32 फीसदी के आसपास है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक सालाना रिन्यूएबल एनर्जी सेल्स को बढ़ाकर 10 गीगावाट (GW) करना है, जो वित्त वर्ष 2026 में लगभग 2.5 GW है। इसके अलावा, कंपनी अपनी ऑर्डर बुक को मौजूदा 5.9 GW (FY26) से बढ़ाकर 15 GW तक पहुंचाना चाहती है।
साथ ही, अगले 5 साल में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को चार गुना बढ़ाकर 70 GW तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे एक मजबूत नियमित आय (Annuity-led) वाला कारोबार विकसित किया जा सके। सुजलॉन को उम्मीद है कि भविष्य में RE DevCo उसकी ग्रोथ स्ट्रैटेजी में बड़ा रोल निभाएगा और समय के साथ कंपनी की कुल प्रोजेक्ट वॉल्यूम में करीब 60 फीसदी योगदान देगा।
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मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह का कहना है कि सुजलॉन अब केवल विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर (Wind OEM) तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ‘Suzlon 2.0’ ब्रांड रणनीति के तहत विंड एनर्जी आधारित फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बनने की तैयारी में है। इस नई रणनीति के तहत कंपनी विंड एनर्जी, सोलर एनर्जी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज को एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर लेकर आ रही है। साथ ही, RE DevCo को एक व्यापक रिन्यूएबल एनर्जी को-डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।
डॉ. रवि सिंह का मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को सपोर्ट करने वाले स्ट्रक्चरल फैक्टर हाल के वर्षों में और मजबूत हुए हैं। एनर्जी सिक्युरिटी पर बढ़ते फोकस और तेजी से बढ़ती बिजली मांग के बीच भारत सहित दुनिया भर की सरकारें और कॉरपोरेट कंपनियां क्लीन एनर्जी को प्राथमिकता देती जा रही हैं।
उनका कहना है कि रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में बढ़ोतरी, एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स और इंटीग्रेटेड एनर्जी सॉल्यूशंस की मांग आने वाले वर्षों में लगातार मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। इससे विशेष रूप से उन कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा, जिनके पास इस सेक्टर में एडवांस तकनीकी क्षमताएं और बड़े पैमाने पर सॉल्यूशंस उपलब्ध हैं।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि सुजलॉन में एनर्जी वीकली चार्ट पर मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं। शेयर फिलहाल एक ब्रॉड फॉलिंग वेज पैटर्न के भीतर कारोबार कर रहा है। यह एक ऐसा तकनीकी पैटर्न है जिसे आमतौर पर पॉजिटिव माना जाता है, खासकर तब जब इसके ऊपर की ओर ब्रेकआउट देखने को मिले।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में शेयर इस पैटर्न की ऊपरी सीमा की ओर बढ़ा है, जो बेहतर मोमेंटम और खरीदारी में नए सिरे से रुचि का संकेत देता है। फिलहाल शेयर लगभग 55.55 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है और इसे अपने प्रमुख 20, 50 और 100 हफ्ते के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) रेंज से सपोर्ट मिल रहा है। यह एक हेल्दी और पॉजिटिव ट्रेंड स्ट्रकचर को दर्शाता है।
टेलर का कहना है कि निचले स्तरों से हालिया उछाल यह संकेत देता है कि सपोर्ट जोन के आसपास निवेशकों द्वारा खरीदारी और एकुमलेट किया जा रहा है। इसके अलावा, वीकली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 59.10 पर है, जो मजबूत होते मोमेंटम को दर्शाता है। हालांकि, यह अभी ओवरबॉट जोन में नहीं पहुंचा है। जब तक सुजलॉन का शेयर 50-52 रुपये के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक इसमें पॉजिटिव ट्रेंड कायम रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में शेयर 62 से 65 रुपये के स्तर तक बढ़ने की क्षमता रखता है।
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कंपनी ने ‘सुजलॉन 2.0’ का एलान बुधवार को किया। गुरुवार को इसका असर स्टॉक मूवमेंट पर देखने को मिली। इंट्राडे में शेयर 3 फीसदी उछल गया। कारोबारी सेशन के दौरान BSE पर सुजलॉन ने 56.02 का हाई और 54.01 का लो बनाया। कारोबार के आखिर में शेयर 2.21 फीसदी की तेजी के साथ 55.58 रुपये पर बंद हुआ। बुधवार को स्टॉक की कीमत 54.38 रुपये प्रति शेयर थी। कंपनी का मार्केट कैप 76,230 करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया।
स्टॉक की बीते एक साल के दौरान परफॉर्मेंस देखें तो एक साल ने 16 फीसदी से ज्यादा का निगेटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, बीते 3 महीने में शेयर 40 फीसदी से ज्यादा उछल चुका है।
Suzlon 2.0 चार प्रमुख बिजनेस वर्टिकल्स पर आधारित होगा। इसमें विंड-फर्स्ट कम्प्लीट सॉल्यूशंस, RE DevCo, RE Projects और RE एसेट मैनेजमेंट सर्विसेज है। इन सभी बिजनेसेस को मिलाकर कंपनी एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है जो बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को तेजी, विश्वसनीयता और बेहतर प्रदर्शन के साथ लागू कर सके।
सुजलॉन एनर्जी का दावा है कि वह भारत की पहली ऐसी फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन रही है, जो विंड एनर्जी, सोलर एनर्जी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), और एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत उपलब्ध कराएगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों के लिए “वन-स्टॉप रिन्यूएबल एनर्जी पार्टनर” बनना है, जिससे प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशंस में होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सके।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय एक्सपर्ट/ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)