facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Star India और वायकॉम18 के मर्जर में अभी लगेगा वक्त

Advertisement

स्टार इंडिया (Star India) और वायकॉम18 के विलय की मंजूरी में अभी वक्त लगेगा क्योंकि उन्होंने फॉर्म 2 भरा है, जिसके लिए विस्तृत अध्ययन की जरूरत होगी।

Last Updated- June 14, 2024 | 11:35 PM IST
Texmaco Rail and Engineering buys Jindal Rail Infra

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को रिलायंस समूह की कंपनी वायकॉम19 और स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SIPL) के विलय को मंजूरी देने में अभी और वक्त लग सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, ‘स्टार इंडिया (Star India) और वायकॉम18 के विलय की मंजूरी में अभी वक्त लगेगा क्योंकि उन्होंने फॉर्म 2 भरा है, जिसके लिए विस्तृत अध्ययन की जरूरत होगी।’ हालांकि, खबर प्रकाशित होने तक रिलायंस, स्टार इंडिया और सीसीआई को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया था।

केएस लीगल ऐंड एसोसिएट्स की मैनेजिंग पार्टनर सोमन चंदवानी ने कहा, ‘फॉर्म 2 जटिल विलय प्रक्रियाओं का आकलन करने के लिए सीसीआई द्वारा जरूरी एक विस्तृत अधिसूचना फॉर्म है, जो बाजार प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकता है। सरल फॉर्म 1 के विपरीत फॉर्म 2 विलय करने वाली कंपनियों, बाजार संरचना और संभावित प्रतिस्पर्धी प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी मांगता है।’

चंदवानी ने कहा कि फॉर्म 2 की समीक्षा में शामिल विस्तृत जांच से यह सुनिश्चित होत है कि सीसीआई विलय के प्रभाव का पूरी तरह से मूल्यांकन कर सकता है, जिसके विश्लेषण के लिए काफी समय की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा, ‘इस प्रक्रिया में बाजार गतिशीलता, संभावित प्रतिस्पर्धा विरोधी परिणाम और समग्र उपभोक्ता की जांच शामिल होती है। स्टार इंडिया और वायकॉम18 के विलय को मंजूरी देने में हो रही देरी से यह पता चलता है कि सीसीआई निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा एवं एकाधिकारवादी प्रथाओं को रोकने के लिए कितनी परिश्रम कर रहा है।’

इस साल फरवरी में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), वायकॉम18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (Viacom18) और द वॉल्ट डिज्नी कंपनी (Disney) ने वायकॉम18 और स्टार इंडिया के कारोबारों को मिलाकर एक संयुक्त उद्यम बनाने के लिए बाध्यकारी समझौता करने की घोषणा की थी।

Advertisement
First Published - June 14, 2024 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement