facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

सरकार का बयान, शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का टैक्स से कोई लेना-देना नहीं, तो असली वजह क्या?

Advertisement

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का टैक्स से कोई संबंध नहीं: आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ

Last Updated- March 06, 2025 | 8:42 PM IST
(DEA) Secretary Ajay Seth

विशाखापट्टनम में गुरुवार (6 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा कि हाल ही में शेयर बाजार में आए उतार-चढ़ाव का टैक्स नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि शेयर बाजार कई कारणों से ऊपर-नीचे जाता है, लेकिन टैक्स का इससे कोई संबंध नहीं है।

सेठ ने MoneyControl की रिपोर्ट के अनुसार कहा, “शेयर बाजार अलग-अलग कारणों से ऊपर-नीचे होता है, और इसका टैक्स से कोई लेना-देना नहीं है। टैक्स दरें और शेयर बाजार दो अलग-अलग मुद्दे हैं,”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सभी प्रकार के निवेशों पर एक समान टैक्स नीति लागू करती है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार अलग-अलग एसेट क्लास (संपत्तियों) के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण नहीं रखती है। हम उन पर समान टैक्स लगाते हैं,”

कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव

अजय सेठ ने बताया कि 2024 के केंद्रीय बजट में कैपिटल गेन टैक्स की दर को बिना इंडेक्सेशन के 12.5% कर दिया गया है, जो पहले इंडेक्सेशन के साथ 20% था। यह बदलाव कर प्रणाली को सरल बनाने और निवेशकों के लिए गणना को आसान बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि पिछले तीन वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था 7% से अधिक की दर से बढ़ी है। उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है।”

बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण

हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। गुरुवार को निफ्टी 50 करीब 22,550 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 610 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, इससे पहले निफ्टी 50 में गिरावट का लंबा दौर चला, जिससे बाजार अपने सितंबर के हाई से 15% गिर गया और निवेशकों के करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 83 लाख करोड़ रुपये) डूब गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस अस्थिरता के कई कारण हैं। अमेरिका ने हाल ही में चीन, कनाडा और मैक्सिको सहित प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ गया है।

इसके अलावा, भारत पर संभावित रिसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने की आशंका से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सितंबर से अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 25 बिलियन डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) की निकासी कर ली है।

साथ ही, कॉर्पोरेट कंपनियों के मुनाफे में भी गिरावट आई है। निफ्टी 50 की कंपनियों ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सिर्फ 5% लाभ दर्ज किया, जो लगातार तीसरी तिमाही में सिंगल-डिजिट ग्रोथ है।

Advertisement
First Published - March 6, 2025 | 8:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement