Stock Market Update Today, June 15: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा मजबूत होने से निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए।
Nifty50 इंडेक्स 231 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 पर बंद हुआ। वहीं, Sensex 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,264.33 के स्तर पर बंद हुआ।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा निवेशकों का भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता हो गया है, जिससे पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी युद्ध समाप्त होने की संभावना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने पर सहमति जताई है। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।
Nifty50 में ट्रेंट, श्रीराम फाइनेंस और HDFC लाइफ इंश्योरेंस सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली। Nifty MidCap इंडेक्स 1.29 प्रतिशत और Nifty SmallCap इंडेक्स 1.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टरों में Nifty Realty सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।
इसके अलावा Nifty Consumer Durables और Nifty Auto में भी मजबूत खरीदारी रही, जबकि Nifty Pharma इंडेक्स कमजोर प्रदर्शन के साथ दबाव में रहा।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट Rupak De के मुताबिक, बाजार ने आज गैप-अप शुरुआत के बाद दिनभर हल्का कंसोलिडेशन दिखाया, जो तेज बढ़त के बाद सामान्य माना जाता है।
उन्होंने कहा कि Nifty ने 23,800 के अहम स्तर के ऊपर बंद होकर अपनी मजबूती बनाए रखी है, जिससे निकट अवधि का रुझान सकारात्मक रहने की संभावना है।
उनके अनुसार, अगर Nifty 23,800 के ऊपर टिकता है तो आने वाले सत्रों में यह 24,000 से 24,200 तक जा सकता है। वहीं, यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
वहीं, Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी शांति समझौते से बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।
कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से महंगाई को लेकर चिंता कम हुई है। इससे ब्याज दरों का माहौल भी स्थिर रहने की उम्मीद है और वित्त वर्ष 2027 की कमाई को लेकर बेहतर संकेत मिल रहे हैं।
ऐसे माहौल में निवेशक अब ऑटो, इंडस्ट्रियल, कैपिटल गुड्स और रियल एस्टेट जैसे ग्रोथ वाले सेक्टरों की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ये सेक्टर बेहतर आर्थिक स्थिति का फायदा उठा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक तनाव कम होने से बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी और रुपये पर दबाव कम हो सकता है, जिससे बाजार का समग्र नजरिया और मजबूत हो रहा है।