facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दावे से दुनिया भर में शेयर बाजर चढ़े, तेल की कीमतें घटीं

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान युद्ध खत्म करने की बातचीत में बड़ी कामयाबी मिली है

Last Updated- June 12, 2026 | 10:38 PM IST
Stock Market

वॉल स्ट्रीट में आई तेजी के कारण शुक्रवार को दुनिया भर के शेयर बाजारों में उछाल देखी गई जबकि तेल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई। यह गिरावट इसके बाद हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान युद्ध खत्म करने की बातचीत में बड़ी कामयाबी मिली है। तेल की ऊंची कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि दुनिया भर में तेल और गैस की आवाजाही का अहम रास्ता होर्मुज स्ट्रेट कमोबेश  बंद रहा है।

इस उम्मीद में तेल की कीमतें गिर गईं कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय मानक वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल 4.5 फीसदी गिरकर 86.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने से पहले के लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से अभी भी काफी ज्यादा है। बेंचमार्क अमेरिकी क्रूड 4.3 फीसदी गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

शेयरों की बात करें तो एसऐंडपी 500 का वायदा 0.2 फीसदी ऊपर था जबकि डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.4 फीसदी बढ़ा हुआ था। अमेरिका और दूसरी जगहों पर निवेशक शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर ईलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स की शुरुआत का इंतजार कर रहे थे। यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है, जिससे लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए जा रहे हैं।

यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 1.8 फीसदी बढ़कर 24,654.78 पर पहुंच गया जबकि पेरिस का सीएसी 40 भी 1.9 फीसदी बढ़ा और 8,356.38 पर आ गया। ब्रिटेन के एफटीएसई 100 में 1.2 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 10,428.98 पर पहुंच गया जबकि आधिकारिक आंकड़ों में बताया गया है कि अप्रैल में उसकी अर्थव्यवस्था में 0.1 फीसदी की गिरावट आई है।

एशियाई बाजारों में ज्यादा बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.6 फीसदी उछलकर 8,123.62 पर पहुंच गया और उसने इस महीने की शुरुआत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों की बिकवाली से हुए नुकसान की थोड़ी भरपाई कर ली। कोस्पी पिछले छह महीनों में लगभग दोगुना हो गया है और 2 जून को 8,801.49 के रिकॉर्ड पर था।

दक्षिण कोरिया की सबसे मूल्यवान कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में 7.9 फीसदी की बढ़त हुई। कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनी एसके हायनिक्स के शेयरों में 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। टोक्यो के निक्केई 225 इंडेक्स में 2.8 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 66,020.04 पर पहुंच गया। इसमें भी तकनीकी शेयरों की बढ़त का अहम योगदान रहा। एआई पर खास ध्यान देने वाली बहुराष्ट्रीय इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी सॉफ्टबैंक समूह के शेयरों में 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। चिप उपकरण निर्माता टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयरों में 7.3 फीसदी की उछाल आई। हॉन्गकॉन्ग के हैंग सेंग इंडेक्स में 1.7 फीसदी  की बढ़त हुई और यह 24,658.91 पर पहुंच गया, जबकि शांघाई कंपोजिट इंडेक्स 1.1 फीसदी  बढ़कर 4,031.51 पर बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया में एसऐंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स फीसदी की बढ़त के साथ 8,804.00 पर बंद हुआ। ताइवान के ताइएक्स इंडेक्स में 2.4 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि भारत में बीएसई सेंसेक्स में 1.4 फीसदी का इजाफा हुआ।

निवेशकों का भरोसा तब लौटा जब गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ़ सैन्य हमले रद्द कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध का एक बेहतरीन समाधान निकाल लिया है और दोनों पक्षों के बीच चल रहे अस्थिर संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने पर अगले कुछ दिनों में अंतिम फैसला हो सकता है। इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। हफ्ते की शुरुआत में जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा था तो वैश्विक बाजारों में गिरावट आई थी।

Advertisement
First Published - June 12, 2026 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement