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Vedanta Demerger Listing: वेदांता के नए शेयरों में जबरदस्त एक्शन, एल्युमिनियम चमका तो ऑयल एंड गैस फिसला

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Vedanta Demerger Listing: वेदांता डिमर्जर के बाद सूचीबद्ध चार नई कंपनियों के शेयरों में पहले दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जबकि समूह का कुल मार्केट कैप बढ़ गया।

Last Updated- June 15, 2026 | 12:53 PM IST
Anil Agarwal, Chairman, Vedanta Group
Anil Agarwal, Chairman, Vedanta Group

Vedanta Demerger Listing: वेदांता समूह के बहुप्रतीक्षित डिमर्जर के बाद बनी चार नई कंपनियों के शेयर सोमवार (15 जून) को भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो गए। हालांकि शानदार लिस्टिंग के बावजूद शुरुआती कारोबार में इनमें से कई शेयर बिकवाली के दबाव में आ गए और लोअर सर्किट तक पहुंच गए। दूसरी ओर, डिमर्जर के बाद समूह की कुल बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।

वेदांता एल्युमिनियम की दमदार लिस्टिंग

वेदांता समूह की नई कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल की शेयर बाजार में शानदार शुरुआत हुई। सोमवार को इसका शेयर बीएसई पर 527 रुपये और एनएसई पर 522 रुपये पर लिस्ट हुआ। बाजार विशेषज्ञों ने इसकी लिस्टिंग 400 रुपये से ऊपर रहने का अनुमान लगाया था।

हालांकि मजबूत शुरुआत के बाद शेयर में बिकवाली देखने को मिली और सुबह 10:14 बजे यह बीएसई पर 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 500.65 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 538 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ। बीएसई और एनएसई पर मिलाकर करीब 1.32 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ।

आयरन एंड स्टील और ऑयल एंड गैस शेयरों में दबाव

वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर बीएसई पर 22.25 रुपये पर खुला, लेकिन बाद में 5.4 प्रतिशत गिरकर 21.05 रुपये पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 19.60 रुपये के निचले स्तर तक फिसला।

वहीं, वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 39 रुपये पर खुलने के बाद 40.95 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 37.05 रुपये पर बंदिश में आ गया।

वेदांता पावर ने दिखाई मजबूती

अन्य कंपनियों के मुकाबले वेदांता पावर का प्रदर्शन बेहतर रहा। यह शेयर 41.30 रुपये पर खुलने के बाद 43.35 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा। सुबह के कारोबार में यह करीब 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 42.80 रुपये पर कारोबार करता दिखा।

वर्तमान में वेदांता समेत सभी पांच कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (market cap) लगभग 3.55 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। डिमर्जर से पहले वेदांता का बाजार मूल्य करीब 3.02 लाख करोड़ रुपये था। इससे संकेत मिलता है कि अलग-अलग कारोबारों को स्वतंत्र इकाई के रूप में सूचीबद्ध करने से निवेशकों को अतिरिक्त मूल्य मिला है।

शुरुआती 10 दिनों तक ‘T’ ग्रुप में रहेगा कारोबार

वेदांता की चार नई कंपनियों की लिस्टिंग को फिलहाल बीएसई के ‘टी ग्रुप’ (T group) में रखा गया है। इस श्रेणी के शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती। निवेशकों को शेयरों की वास्तविक डिलीवरी लेनी होती है। बीएसई के अनुसार, ये शेयर शुरुआती 10 कारोबारी दिनों तक ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट में रहेंगे।

2023 में हुई थी डिमर्जर की घोषणा

वेदांता ने सितंबर 2023 में अपने विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना का ऐलान किया था। कंपनी का उद्देश्य कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बनाना, कारोबार आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा देना और प्रत्येक इकाई में लक्षित निवेश आकर्षित करना था।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिसंबर 2025 में इस योजना को मंजूरी दी थी। स्वीकृत 1:1 डिमर्जर योजना के तहत वेदांता के प्रत्येक शेयरधारक को उनके पास मौजूद हर एक शेयर के बदले नई कंपनियों का एक-एक शेयर आवंटित किया गया।

कंपनी ने 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की थी, जिसके आधार पर निवेशकों को नई कंपनियों के शेयर मिले।

किस कंपनी के पास कौन-सा कारोबार?

डिमर्जर के बाद वेदांता एल्युमिनियम मेटल के पास झारसुगुड़ा और BALCO के स्मेल्टर प्लांट, लांजीगढ़ एल्यूमिना रिफाइनरी और कोयला व बॉक्साइट खदानों का संचालन है। कंपनी की बालको में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

वेदांता पावर के पास तलवंडी साबो, झारसुगुड़ा, मीनाक्षी और एटेना समेत प्रमुख ताप विद्युत परियोजनाएं हैं।

वेदांता ऑयल एंड गैस के अंतर्गत केयर्न ऑयल एंड गैस का कारोबार आता है, जो भारत के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक है और देश के कुल तेल एवं गैस उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत योगदान देता है।

वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील के पास कर्नाटक, गोवा और ओडिशा में लौह अयस्क परिसंपत्तियां हैं। इसके अलावा लाइबेरिया की विदेशी संपत्तियां और ईएसएल स्टील कारोबार भी इसी इकाई के अंतर्गत आता है।

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First Published - June 15, 2026 | 12:00 PM IST

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