facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

SEBI के नए चेयरमैन Tuhin Kanta Pandey से बाजार और निवेशकों को क्या हैं उम्मीदें? फटाफट चेक करें…  

Advertisement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति को मंजूरी दी है।

Last Updated- February 28, 2025 | 11:54 AM IST
What are the expectations of the market and investors from SEBI Chairman Tuhin Kanta Pandey? Check quickly…

New SEBI Chief: केंद्र सरकार ने फाइनेंस सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वह माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल कई विवादों और कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो अत्यधिक नियम लागू करने के आरोपों से घिरा रहा। मार्केट रेगुलेटर सेबी के लीडरशिप में ठीक ऐसे समय में परिवर्तन हो रहा है, जब विदेशी निवेशकों (FPI) की बढ़ती निकासी घरेलू शेयर बाजार के भविष्य पर दबाव बना रही है। नए सेबी चीफ से निवेशकों को ढेर सारी उम्मीदे हैं। निवेशकों की सबसे बड़ी मांग यह है कि नियमों की सख्ती कम हो और उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता मिले।

बुच के कार्यकाल में SEBI में आई नियमों की बाढ़

समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, माधबी पुरी बुच के तीन साल के कार्यकाल में नियमों से जुड़ी प्रस्तावों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस दौरान SEBI ने 197 चर्चा पत्र जारी किए, जो उनके पहले के सेबी चीफ के पांच साल के कार्यकाल की तुलना में 73% अधिक है।

मुंबई स्थित राइट रिसर्च की संस्थापक सोनम श्रीवास्तव का कहना है कि SEBI को नए प्रयोग और स्थिर नीतियों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार नियम बदलने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है।

माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे तुहिन कांत पांडे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति को मंजूरी दी है। वह तीन साल के लिए या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। इसकी जानकारी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने दी है। वरिष्ठ नौकरशाह पांडे वर्तमान में भारत के फाइनेंस सेक्रेटरी हैं। वह राजस्व विभाग की देखरेख करते हैं, जो टैक्स कलेक्शन की जिम्मेदारी संभालता है। माधबी पुरी बुच, जो इन्वेस्टमेंट बैंकर से नियामक बनीं, साल 2022 में SEBI की पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। उनका तीन साल का कार्यकाल शुक्रवार,28 फरवरी को समाप्त हो रहा है।

Also read: Stock Market Update: शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1000 लुढ़का, निफ्टी 22,300 के नीचे; ब्रोडर मार्किट में भारी दबाव

बाजार में सुधार बनाम सख्त नियम

बुच के कार्यकाल में SEBI ने बाजार पहुंच आसान बनाने और जोखिम कम करने के कई कदम उठाए। इनमें ग्लोबल फंड्स (global funds) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाना और नए शेयरों की लिस्टिंग के समय को कम करना शामिल है।

हालांकि, वैकल्पिक फंड्स (Alternative Funds) के लिए निवेश नियमों में बदलाव, विदेशी निवेशकों के लिए खुलासे से जुड़े कड़े प्रावधान, और डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सख्त पाबंदियां जैसी नीतियों ने निवेशकों के लिए व्यापार करना कठिन बना दिया।

नए SEBI चीफ को बनाने होंगे सरल नियम- देवन चोकसी

DRChoksey FinServ Pvt के मैनेजिंग डायरेक्टर देवन चोकसी ने कहा कि “नए SEBI प्रमुख को नियमों को सरल बनाने के मंत्र पर काम करना होगा।” उन्होंने कहा कि अगर नए अध्यक्ष सबसे पहले डेरिवेटिव्स से जुड़े नियमों और ‘नो योर क्लाइंट’ (KYC) प्रक्रियाओं को आसान बनाते हैं, तो निवेशकों को बाजार में भागीदारी करने में आसानी होगी और वे इस फैसले की सराहना करेंगे।

Advertisement
First Published - February 28, 2025 | 11:46 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement