दूध भारत में सिर्फ पोषण का साधन नहीं है, बल्कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों में से एक है। इससे लाखों परिवारों को रोजगार मिलता है और उनकी आजीविका चलती है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। लेकिन यह सफलता एक दिन में नहीं मिली। इसके पीछे कई […]
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सरकार को कर्ज देने को लेकर दुनिया की चिंता बढ़ रही है। इसकी वजह से ब्याज दरें बढ़ रही हैं, जिससे लोगों पर महंगाई और अफोर्डेबिलिटी का दबाव बढ़ रहा है। इकॉनमिक ग्रोथ प्रभावित हो रही है और नवंबर में होने वाले मिड टर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के लिए […]
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मई 2025 के तीसरे सप्ताह से ही भारत की वैश्विक कूटनीतिक पहल बेहद तीव्र रही है। उसके बाद उसने कम से कम 19 राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की मेजबानी की है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से तीन भी शामिल हैं। इसके अलावा कई प्रमुख देशों के विदेश मंत्री भी […]
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पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादी हमलों के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने के बाद भारत में रक्षा से जुड़े विभिन्न स्तरों पर कई अहम बदलाव हुए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के साथ चार दिनों की सैन्य झड़प से मिले […]
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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच तेल के दाम आसमान छूने और ईंधन आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की बढ़ती आशंका से वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि एवं मुद्रास्फीति का संतुलन और बिगड़ सकता है। ईरान युद्ध का कोई समाधान नहीं निकलने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत गुरुवार को […]
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‘मीडिया जब असहमति के अधिकार की रक्षा करता है तो वह यह भी सुनिश्चित करता है कि सत्ता में बैठे लोग निरंतर जनता के प्रति जवाबदेह रहें।’ यह बात पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन ने सोमवार को 26वें बिज़नेस स्टैंडर्ड सीमा नेजरेथ उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार 2025 में अपने संबोधन में कही। नई दिल्ली के इंडिया […]
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दिनेश कुमार की कहानी उत्तर प्रदेश के नोएडा और हरियाणा के मानेसर जैसे औद्योगिक केंद्रों की व्यापक हकीकत को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले और पेशे से दर्जी कुमार बेहतर अवसरों की तलाश में 2014 में नोएडा आए थे। उन्होंने एक कपड़ा कारखाने में लगभग 8,000 रुपये प्रति माह वेतन पर […]
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Mutual Funds Picks: पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते पैदा हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद म्युचुअल फंड निवेशक लगातार निवेश कर रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजारों में जारी उठापटक के चलते वो सतर्क जरूर नजर आ रहे हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि उथल-पुथल वाले समय में हाइब्रिड और मल्टी एसेट अलोकेशन फंड पर फोकस करना चाहिए। […]
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21वीं सदी की विकास यात्रा में हमारा भारत एक महत्त्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण की ओर आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हम अपने लोकतंत्र को और मजबूत करने वाली एक बड़ी पहल के साक्षी बनने वाले हैं। यह ऐसा अवसर है, जब समानता, समावेशन और जनभागीदारी के प्रति हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता एक नए […]
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Equity, Debt or Hybrid Funds: पश्चिम एशिया तनाव का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी तक में अच्छा-खासा करेक्शन आ चुका है। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत (28 फरवरी) से अब तक बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 7.5 फीसदी, सोना 10 फीसदी, और चांदी 22 फीसदी […]
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