वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अच्छी तरह से पूंजी-संपन्न बनाए रखने की जरूरत है और यह सदस्य देशों की जरूरतों के अनुरूप हो। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आम सहमति और समन्वय पर आधारित बहुपक्षीय पहलों […]
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सीएलएसए ने अनुकूल वृहद परिवेश को ध्यान में रखते हुए अपना भारतीय निवेश आवंटन बढ़ाया है। चीन की सिटिक सिक्योरिटीज के स्वामित्व वाली इस ब्रोकरेज फर्म ने भारत को 18.2 प्रतिशत का भारांक दिया है, जो एमएससीआई ऑल कंट्री एशिया पैसीफिक एक्स-जापान इंडेक्स में 15.1 प्रतिशत के देश के भारांक की तुलना में 301 आधार […]
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भारतीय कंपनियों के बोर्डरूम में विलय एवं विभाजन के जरिये संपत्तियां तैयार करने या कीमत बढ़ाने जैसी बातें जोर पकड़ रही हैं। यही कारण है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान ऐसे सौदों में तेजी से वृद्धि हुई है। तीसरी तिमाही के दौरान हुए सौदों का कुल मूल्य 32.9 अरब डॉलर तक […]
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एसऐंडपी डाउ जोंस इंडेक्सेज द्वारा जारी एसपीआईवीए (एसऐंडपी इंडेक्सेज वर्सेज ऐक्टिव) रिपोर्ट से पता चलता है कि लार्जकैप और इक्विटी-केंद्रित बचत योजनाओं (ईएलएसएस) के फंड प्रबंधकों ने पिछले साल के दौरान अपने प्रदर्शन में मजबूत सुधार दर्ज किया है। जून 2023 में समाप्त एक वर्ष की अवधि में सक्रिय लार्जकैप योजनाओं में से 17 प्रतिशत […]
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सितंबर में इक्विटी म्युचुअल फंड (MF) योजनाओं में शुद्ध पूंजी प्रवाह घट गया। इसका कारण स्मॉलकैप और मिडकैप योजनाओं में भारी निकासी रही। भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन (Amfi) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि इक्विटी योजनाओं ने पिछले महीने 14,090 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया, जो अगस्त (20,250 करोड़ रुपये) […]
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वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के लिए प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के आंकड़े वृहत अनिश्चितता की ओर इशारा करते हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन एक तिमाही पहले के मुकाबले बेहतर रहा है लेकिन आंकड़ों से चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि में नरमी के संकेत मिलते हैं। TCS के […]
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अधिकांश लोगों के लिए यह समझना कठिन होगा कि बीते 75 वर्ष विसंगतियों से भरे हुए थे। युद्ध के बाद के दौर में जो स्थिरता नजर आई है उसे अमेरिका ने पहले सोवियत संघ के साथ एक असहज संतुलन के माध्यम से और उसके पश्चात तीन दशकों तक अपने दम पर रेखांकित किया। पैक्स अमेरिकाना […]
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हर एक दशक में परिस्थितियों में तीव्र बदलाव आ रहा है। ऐसे में किसी देश की आर्थिक और राजनीतिक दिशा के चयन में उसके कुलीन और अभिजात वर्ग की भूमिका का विश्लेषण कर रहे हैं अजित बालकृष्णन एक समय था जब मैं अपनी किशोरावस्था के अंतिम दौर में था और केरल में अपने घर से […]
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महामारी के कारण हुई उथलपुथल के बाद जब सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई तब से वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) भी निरंतर मुद्रास्फीति संबंधी दबावों का सामना कर रही है। इसके परिणामस्वरूप बड़े केंद्रीय बैंकों ने दशकों में सबसे तेज गति से मौद्रिक नीति को सख्त किया है। इससे मुद्रास्फीति संबंधी दबाव कम करने में मदद […]
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इजरायल में युद्ध के हालात बनने और उसके बाद उड़ानें रद्द होने के कारण वहां से भारत आने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी और पूरा ट्रैवल सीजन प्रभावित होगा। कारोबारी सिलसिले में इजरायल से भारत आने वाले लोगों की यात्रा पूरे वर्ष भर जारी रहती हैं लेकिन छुट्टियों में की जाने वाली यात्रा आमतौर पर […]
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