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लेखक : अनुप्रेक्षा जैन

आज का अखबार, कंपनियां

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कंपनियों की बैलेंस शीट पर नजर, रेटिंग अनुपात में नरमी

क्रिसिल और केयरएज जैसी रेटिंग एजेंसियों ने वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही में रेटिंग अनुपातों में नरमी की सूचना दी। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से भारत के उद्योग जगत के बही खातों की मजबूती का पता चल सकेगा। हालांकि इंडिया रेटिंग्स ने कहा […]

आज का अखबार, बाजार, बॉन्ड, वित्त-बीमा, शेयर बाजार

कच्चे तेल की कीमतों और भारी सप्लाई से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, 7.25% तक पहुंचने की आशंका

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति के लगातार दबाव के चलते मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के सरकारी बॉन्ड की यील्ड ऊंची बने रहने की उम्मीद है। बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच (जिनसे रुपया दबाव में रह सकता है) बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड अप्रैल के आखिर […]

आज का अखबार, कमोडिटी, ताजा खबरें

FY26 में रुपये की बड़ी गिरावट: 2011-12 के बाद सबसे कमजोर, बॉन्ड यील्ड 7% के पार

Rupee Depreciation FY26: वित्त वर्ष 2025-26 रुपये के लिए 2011-12 के बाद का सबसे खराब साल रहा। इसकी वजह विदेशी निवेशकों की निकासी रही जिससे भारतीय मुद्रा 9.85 फीसदी फिसल गई। मार्च में पश्चिम एशिया संकट ने रुपये की मुश्किलें और बढ़ा दीं। इस कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में करीब 4 फीसदी कमजोरी […]

आज का अखबार, कमोडिटी, भारत

तेल के झटके और डॉलर की मांग से टूटा रुपया: 93.72 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और तेल विपणन कंपनियों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की मजबूत डॉलर मांग की वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 93.72 पर आ गया। एक ही सत्र में रुपया 1.15 फीसदी गिर गया जो 24 फरवरी 2022 के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। दिन के […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

गोल्ड लोन में दिखी राहत, माइक्रोफाइनेंस कंपनियां तेजी से बदल रहीं पोर्टफोलियो

सूक्ष्म वित्त संस्थान बाहरी दबावों के कारण मुख्य तौर पर परिसंपत्ति गुणवत्ता संबंधी दबावों का सामना कर रहे हैं। लिहाजा ये संस्थान इन दबावों से निपटने के लिए सुरक्षित उत्पादों जैसे सोने और मॉर्टगेज पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह कदम भारतीय रिज़र्व बैंक के कुल परिसंपत्तियों के 60 प्रतिशत तक पात्रता मानदंड […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, भारत

भारत में महिला श्रम की भागीदारी G-20 देशों में सबसे कम, ज्यादातर महिलाएं कृषि और कम उत्पादकता वाले स्वरोजगार में

ऐक्सिस बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिला श्रम बल भागीदारी दर (एफएलएफपीआर) 20 देशों के समूह (जी-20) में सबसे कम है। भारत में काम करने वाली महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा कृषि में या अवैतनिक या कम उत्पादकता वाले स्वरोजगार में लगा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला श्रम […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

माइक्रोफाइनैंस से मोहभंग? अब सुरक्षित लोन और MSME पर दांव लगा रही हैं NBFC-MFI कंपनियां

राजनीतिक घटनाक्रम, बदलते नियमों और कारोबार में आते परिवर्तनों के कारण गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थान (एमएफआई) अब पारंपरिक माइक्रोफाइनैंस उधारी से इतर कारोबार बढ़ा रहे हैं। ऋणदाता अब माइक्रोफाइनैंस पर केंद्रीकरण कम करने के लिए  तेजी से एमएसएमई ऋण, संपत्ति के बदले ऋण (एलएपी), किफायती आवास ऋण और वाहन ऋण […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बिहार माइक्रोफाइनैंस कानून का सीमित असर: RBI-नियंत्रित संस्थाओं को राहत, रजिस्ट्रेशन से छूट

हाल ही में पारित बिहार माइक्रोफाइनैंस संस्थान विधेयक, 2026 का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विनियमित लेनदारों पर कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी संस्थाओं को राज्य स्तर पर पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। माइक्रोफाइनैंस संस्थानों के नेटवर्क (एमएफआईएन, जो सूक्ष्म वित्त ऋणदाताओं के […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

अनलिस्टेड कंपनियों का उभार: ₹8.9 लाख करोड़ का रेवेन्यू; रिलायंस रिटेल टॉप पर

राजस्व के मामले में रिलायंस रिटेल को देश की सबसे बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनी आंका गया है। दूसरे स्थान पर फ्लिपकार्ट रही, जिसका राजस्व 83,000 करोड़ रुपये है, जबकि मालाबार गोल्ड ऐंड डायमंड 66,000 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ तीसरे स्थान पर रही। जेएम फाइनैंशियल और हुरुन इंडिया द्वारा जारी ‘अनलिस्टेड जेम्स 2026’ रिपोर्ट के […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

नकदी का नया रिकॉर्ड: देश में चलन मुद्रा ₹40 लाख करोड़ के पार, SBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार 31 जनवरी, 2026 को समाप्त पखवाड़े में चलन में मुद्रा (सीआईसी) लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। वहीं नकद और जीडीपी के अनुपात में लगातार कमी आ रही है।   रिपोर्ट में कहा गया है, ‘दिलचस्प बात यह […]

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