facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: वित्तीय मजबूती से रेटिंग में होगा सुधार

आम चुनाव की मतगणना, जो अगली सरकार का राजनीतिक स्वरूप तय करेगी, से कुछ ही दिन पहले एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को भारत के बारे में अपने नजरिये को ‘स्थिर’ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया। यह दुनिया की शीर्ष रेटिंग एजेंसियों में से एक है और इसने भारत के बारे में 2014 से अब […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: राजनीतिक दलों में पारदर्शिता हो प्राथमिकता

अठारहवीं लोक सभा के लिए मतदान इस हफ्ते खत्म हो जाएगा और नतीजे 4 जून को आएंगे। इसके बाद केंद्र में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। अगली सरकार किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन की क्यों न हो, उसे तत्काल अपना काम शुरू करना होगा और नीतिगत तथा प्रशासन संबंधी चुनौतियों […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मॉनसून की बारिश में कृषि उपज की बरबादी न हो

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने फिर यह बात कही है कि इस साल देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से ज्यादा होगी। वर्षा सिंचित क्षेत्रों में भी इस साल अच्छी बारिश होने की उम्मीद है जो कृषि पैदावार बढ़ाने में मददगार साबित होगी। ऊंचे उत्पादन से स्वाभाविक रूप से खाद्य महंगाई पर काबू पाने में […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: अस्पताल में आग लगने से सात बच्चों की मौत…जानलेवा लापरवाही

Delhi Hospital Fire: पूर्वी दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से सात नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत एक बार फिर इस बात की गहरी और दु:खद याद दिलाती है कि हमारे नियामक अधिकारियों का गैर जिम्मेदार रवैया संस्थागत रूप ले चुका है। ऑक्सीजन सिलिंडरों के फटने से हुई इस दिल दहला देने वाली घटना […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: सही मायने में अतुल्य हो भारत…

विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के हर छह माह पर जारी होने वाले नवीनतम यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक (TTDI) में भारत का 39वें स्थान पर आना यह दिखाता है कि इस ऊंची संभावना वाले कारोबारी अवसर के दोहन में हमारा देश कमतर प्रदर्शन कर रहा है। करीब 119 देशों पर किए गए इस […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों का दबाव

भारत अब महामारी से होने वाली परेशानी से मजबूती से उबर चुका है और 7 फीसदी से ज्यादा दर से आगे बढ़ रहा है। ज्यादातर अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में भारत एक चमकीले सितारे की तरह आगे बढ़ता रहेगा, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति अपेक्षाकृत सुस्त रहने के आसार हैं। भारत में […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: राजकोष के लिए हो RBI से मिले डिविडेंड का उपयोग

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को ऐलान किया कि उसके बोर्ड ने भारत सरकार को डिविडेंड (Dividend) के तौर पर दी जाने वाली राशि तय कर ली है। इसके बाद आया 2.11 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा चौंकाने वाला है। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा इस साल पेश वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट में […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: महिला रोजगार की चुनौतियां

जनवरी से मार्च 2024 (वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही) के लिए हाल में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के तिमाही बुलेटिन से महिलाओं और भारतीय श्रम बाजार में उनकी स्थिति को लेकर कई दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं। कार्यबल में भागीदारी के लिहाज से देखें तो शहरी इलाकों में महिला श्रम बल भागीदारी दर […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: बंद हों फर्जी समीक्षाएं…

इस डिजिटल जमाने में फर्जी खबरों (Fake news) और गलत सूचनाओं के व्यापक मसले ने दुनिया भर के नीति-नियंताओं का ध्यान आकर्षित किया है। डिजिटल स्वरूप में सूचनाओं की बाढ़ ने खबरों और सूचनाओं के उपभोग करने के लोगों के तरीके को मौलिक रूप से बदल दिया है और इससे लोगों के लिए यह पता […]

आज का अखबार, लेख

संपादकीय: देश में गर्मी का प्रकोप

देश के एक बड़े हिस्से में लू (Loo) का प्रकोप चल रहा है। इससे लोगों की सेहत और उत्पादकता पर खतरा गंभीर हो सकता है। विश्व बैंक (World Bank) के एक अध्ययन के मुताबिक, देश का करीब 75 फीसदी कार्यबल कृषि और निर्माण क्षेत्र में गर्मी का सीधे सामना करने वाले श्रम पर निर्भर करता […]

1 62 63 64 65 66 106
Advertisement
Advertisement