सान्यो-बीपीएल पर संकट के बादल
पिछले चार साल से भारतीय टेलीविजन के बाजार में स्थापित होने की कोशिश कर रही सान्यो-बीपीएल इंडिया संयुक्त उपक्रम इस साल के अंत तक समाप्त हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी अपने चार साल के कारोबार की समीक्षा कर रही है और जल्द ही दोनों कंपनियां अलग होने का फैसला कर सकती हैं। जानकारों […]
बीएनपी ने भारत में लगाए 335 करोड़
फ्रांस की वित्तीय सेवा कंपनी बीएनपी पारिबा समूह ने भारत में विकास के अवसरों को सपोर्ट करने और गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने के लिहाज से कुल 335 करोड़ रुपये लगाए हैं। इस प्रकार बैंक का अब कैपिटल बेस कुल 2,000 करोड़ रुपये का हो गया है। कंपनी के सीईओ फ्रेडरिक अमाउंड्रू के मुताबिक चुनौतीपूर्ण […]
निफ्टी के 4400 से नीचे जाने के पूरे-पूरे आसार
एस ऐंड पी सीएनएक्स निफ्टी इस हफ्ते लगातार पांच हफ्तों की साप्ताहिक तेजी के बाद गिर कर बंद हुआ है। हफ्ते के आधार पर देखें तो निफ्टी करीब 100 अंक गिरा है। हालांकि इंडेक्स मंदी की अवधारणा लेकर 4430 के स्तर पर बंद हुआ है जो 4500 के सपोर्ट स्तर से नीचे है। 4500 का […]
फंड निजी बैंक, इंफ्रा और तेल कंपनियों में लगा रहे हैं पैसा
म्युचुअल फंडों ने जुलाई माह में 1,412 करोड़ रुपए की खरीददारी की। प्राइवेट बैंक, तेल एक्सप्लोरेशन कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी पसंद की सूची में सबसे ऊपर रहे। वैल्यू रिसर्च के डाटा के अनुसार म्युचुअल फंड रिसर्च फर्मों ने एचडीएफसी बैंक (339 करोड़ रुपए), केयर्न इंडिया(221.5 करोड़ रुपए) और ओएनजीसी (212 करोड़ रुपए) में सबसे अधिक […]
मुनाफावसूली में सबसे ज्यादा नुकसान बैंक, रियल्टी को
शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन कतई अच्छा नहीं रहा। सेंसेक्स 15 हजार से नीचे जाकर बंद हुआ जबकि निफ्टी 4450 से नीचे उतर गया। सबसे ज्यादा मार रियल्टी सेक्टर पर पड़ी जो करीब 8 फीसदी टूट गया। जबकि बैंकेक्स 5 फीसदी टूटा और कैपिटल गुड्स 3.7 फीसदी कमजोर पड़ा। इसके बाद जिन सेक्टरों […]
फिर भी दिल्ली है दिल वालों की
जिसने आज से 60 साल पहले दिल्ली को देखा हो, आज इस शहर को देखकर चकित हो जाएगा। उसके मन में एक ही सवाल बार बार आता है कि क्या यह वही दिल्ली है। आजादी के बाद दिल्ली की रंगत जितनी बदली है शायद ही किसी शहर की बदली हो। दिल्ली के राजनैतिक ढांचे से […]
नई राह दिखाता एक गांव
आज लोग तेज रफ्तार वाली जिंदगी में किसी भी दर्शन से अछूते होकर अपने आप में ही गुम हो जाते हैं। ऐसे में गढ़वाल के हिमालयी क्षेत्रों के एक गांव बखरोती में अब भी गांधी के दर्शन को व्यवहारिक रुप में लाने की कोशिश जारी है। टिहरी जिले के इस छोटे से गांव के लोगों […]
इस देश में रहते हैं कई देश
कहा जाता है कि अपने देश में दो देश रहते हैं। एक ‘इंडिया’ जिसके हिस्से सभी संसाधन और आर्थिक विकास की मलाई आ रही है जबकि दूसरा ‘भारत’। फटेहाल और परेशान। समेकित विकास के यूपीए सरकार के दावे के हमने गुड़गांव, मुंबई और छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में आम लोगों की जीवनशैली का जायजा लियाजिस […]
जरा याद उन्हें भी कर लो जो…
आजादी की पहली जंग 1857 में लखनऊ में ही लड़ी गई। अवध के लोग आजादी की पहली लड़ाई के लिए मरे और खपे। जंग मेरठ से शुरू हई पर अंजाम पर लखनऊ में पहुंची। बेगम हजरत महल, जो वाजिद अली शाह की बेगम थी, ने जंग के आखिरी दिनों में मोर्चा संभाला। युध्द में खेत […]
एक था पूरब का मैनचेस्टर…
आजादी के 61 साल बाद भी कानपुर की जनता अपनी आजीविका के लिए शहर से बाहर जाने को मजबूर है। एक समय था जब कानपुर को ‘पूरब का मैनचेस्टर’ कहा जाता था। बिहार, पश्चिम बंगाल, पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश राज्यों से लोग कानपुर में रोजी-रोटी कमाने के लिए आया करते थे। लेकिन अब यहां […]
