बॉलीवुड की धुन पर थिरकती दुनिया
एक वक्त था जब बॉलीवुड के सितारे या गायकों का शो दुबई तक ही सीमित होकर रह जाता था लेकिन अब बॉलीवुड के सितारे विदेशी जमीन पर भी धूम मचा रहे हैं। विदेशों में बॉलीवुड फिल्मों का जादू तो सिर चढ़कर बोलता ही है अब बॉलीवुड शो का जलवा भी विदेशी जमीन पर दिखने लगा […]
बढ़ता जा रहा है ऑनलाइन कोचिंग का कारोबार
पहले के छात्र क्लासरूम में पढ़ाई करते थे लेकिन अब नए जमाने के मुताबिक क्लासरूम का रूप भी बदल गया है। जी हां! अब छात्रों के लिए कई चैनलों के जरिए पढ़ाई करने का विकल्प मुहैया कराया जा रहा है। आजकल दूर दराज के इलाके के छात्र भी बड़े संस्थानों के प्रोफेसर से पढ़ने की […]
कुछ ऐसे साकार हुआ मारुति का वो सपना
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव उन खास लोगों में से हैं जिन्होंने संजय गांधी के ‘आम आदमी की कार’ के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। भार्गव उन लोगों में से हैं जिनके प्रयासों से मारुति 800 के सपने ने मूर्त रूप लिया। कंपनी की बोर्ड रूम बैठकों में कई बार […]
किस मुल्क ने मई में छोड़ी है ओपेक की सदस्यता?
1. नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीटयूट (एनपीटीआई) कहां स्थित है? ए. नई दिल्लीबी. गुड़गांव सी. फरीदाबाद डी. नागपुर 2. नहाने का ‘मार्गो साबुन’ किस कंपनी का उत्पाद है?ए. हैंकेल इंडियाबी. प्रॉक्टर एंड गैम्बलसी. हिन्दुस्तान यूनीलीवर डी. कोई नहीं3. ‘कनेक्टिंग इंडिया’ किसकी पंचलाइन है?ए. टाटा इंडीकॉम बी. रिलायंस क म्यूनिकेशन सी. वोडाफोनडी. बीएसएनएल4. बेनेट कोलेमन ऐंड कंपनी […]
सुब्बाराव के सामने हैं कई चुनौतियां
पिछले कुछ समय से यह आम धारणा रही है कि वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच नीतिगत मामलों को लेकर मतभेद हैं जिनमें ब्याज दरें और विनिमय दर प्रबंधन शामिल है। ऐसे में प्रेक्षक इस तथ्य पर ज्यादा गौर करेंगे कि वर्तमान वित्त सचिव डी सुब्बा राव को रिजर्व बैंक के मौजूदा डिप्टी […]
सरकारी बाबूओं को मिले काम करने का वक्त
स्थायित्व और स्थिरता को अपने मुल्क में सिविल सर्विसेज यानी प्रशासनिक सेवाओं की रक्षा में काफी बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ये हथियार तो लोकतंत्र के लिए भी काफी अहम है। मंत्री जाते-आते रहते हैं, लेकिन नौकरशाहों की वजह से ही मंत्रालयों का काम बदस्तूर चलता रहता है। उनके पास मंत्रियों […]
अब प्रशांत पार हो रहा है महाशक्ति का उदय
पॉल केनेडी ने अपनी किताब दी डिक्लाइन ऐंड फॉल ऑफ ग्रेट पावर्स में कहा था कि विश्व की जितनी प्रमुख शासन शक्तियों का अंत हुआ है, उनके पीछे वजह यह रही है कि उन्होंने कुछ ऐसे वित्तीय वादे कर दिये थे जिनका भार उनकी अर्थव्यवस्था के लिए उठा पाना मुमकिन नहीं था। क्या अमेरिका में […]
आईपीओ ग्रेडिंग की समीक्षा करेगा सेबी
बाजार नियामक सेबी ने आज कहा कि वह आईपीओ के ग्रेडिंग की परिकल्पना की समीक्षा करेगा। सेबी को अब इस परिकल्पना से संबंधित सकारात्मक और नकारात्मक दोनों किस्म की प्रतिक्रियाओं से कुछ अनुभव प्राप्त हो गया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष सी बी भावे ने आज यहां मर्चेंट चेंबर आफ कामर्स […]
मारुति-घटती रफ्तार
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी को अगस्त महीने में वॉल्यूम में कमी का सामना करना पड़ा। 18,412 करोड़ की इस कंपनी के घरेलू बाजार के वॉल्यूम में करीब 11 फीसदी की कमी देखी गई। हालांकि स्विफ्ट और स्विफ्ट डिजायर के खरीदने वाले बने रहे लेकिन वैगन-आर, ऑल्टो और जेन को मुश्किलों […]
महंगाई बर्दाश्त की सीमा से बाहर
पिछले महीने यानी अगस्त की 7 तारीख को बिजनेस स्टैंडर्ड ने वित्त सचिव डी सुब्बाराव का साक्षात्कार किया था जिन्हें कि अगले तीन वर्षों के लिए रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया गया है। पिछले महीने लिया गया उनका वह साक्षात्कार उनके मौजूदा पद पर रहते हुए शायद अंतिम साक्षात्कार है जिसमें […]
