बढ़ती उत्पादन लागत के बावजूद इस्पात कंपनियों में कहीं खुशी तो कहीं गम
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही इस्पात उद्योग के लिए मिश्रित हो सकती है। यह क्षेत्र एकीकृत इस्पात निर्माताओं के लिए मुनाफे में कम से कम 15 फीसदी की बढ़त दर्ज कर सकता है। कंपनियों के मुनाफे और बिक्री में बढ़ोतरी कच्चे पदार्थों के अनुबंधों को अंतिम रूप दिए जाने और बढ़ती लागत को वहन […]
लगातार बढ़ती महंगाई में भी खुशनुमा रहेगी एफएमसीजी उद्योग की बगिया
देश में महंगाई दर में हो रही ऐतिहासिक वृध्दि के बावजूद रोजाना इस्तेमाल होने वाली उपभोक्ता वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों को जून 2008 में समाप्त हुई पहली तिमाही में कारोबार और मुनाफे में पिछले पांच वर्षों से हो रही वृध्दि के जस के तस बने रहने की उम्मीद है। उद्योग जगत को शुध्द बिक्री […]
खरीफ धान बना पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए उम्मीद की किरण
आलू की खेती में हाथ जला चुके पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए मानसून में रोपे जाने वाले अमन (खरीफ) धान से काफी उम्मीदें है। सही समय पर मानसून के आने से उनकी ये उम्मीदें और मजबूत ही हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि इस बार अच्छी मानसूनी बारिश से धान का उत्पादन काफी […]
तांबे की कतरन का आयात घटा
इस्तेमाल किए गए तांबे और उनकी कतरनों को नुकसानदेह पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है और तीन साल पहले इनके आयात के नियमों को सख्त बनाया गया था। जब से इस्तेमाल किए तांबे और उसके कतरन को नुकसानदेह पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है तब से इसके आयात में 65 प्रतिशत की कमी […]
आलू का निकल रहा दम
आलू का बाजार नहीं संभल पा रहा है। पिछले दो महीनों से आलू औंधे मुंह गिरा पड़ा है। इस दौरान प्याज व टमाटर फिर से ठोस हो गया। लेकिन हिमाचल से निकलने वाली आलू की नयी फसल ने पहले से सोये आलू को लगभग बेहोशी की हालत में ला दिया है। आलू के वायदा कारोबार […]
तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी
तेल की कीमतों के रेकॉर्ड ऊंचाई छूने से विश्व भर के नेताओं द्वारा आर्थिक खतरे से संबंधित दी गई चेतावनी के बाद तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद आज तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है। न्यू यॉर्क मुख्य वायदा तेल सौदा अगस्त डिलीवरी वाला लाइट स्वीट क्रूड 1.08 डॉलर प्रति बैरल […]
बढ़ती कीमतों का है पूरा जोर, क्या भारतीय अर्थव्यवस्था भी बढ़ रही है मंदी और महंगाई की ओर
गलत नीतियों ने निकाला तेल अरुण कुमार, प्रोफेसर, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय एक तरफ महंगाई है और दूसरी ओर वृद्धि और विकास दर है। अभी जिस तरह की वृद्धि हो रही है उसे स्टैगफ्लेशन की स्थिति नहीं कह सकते हैं।स्टैगफ्लेशन वह स्थिति है जिसमें वृद्धि बिल्कुल नहीं होती है और मुद्रास्फीति बढ़ती है। वृद्धि दर के […]
क्यों हुआ ऐसा, हम तहंकींक ही करते रहे…
महंगाई की मार और चुनावी मौसम। सरकार कोशिश कर रही है कि महंगाई को रोका जाए। रिजर्व बैंक के सीआरआर और रेपो दर बढ़ाए जाने के बाद भी यह नियंत्रण में नहीं आई। अब सबके मन में यही सवाल कौंध रहा है कि क्या हम उच्च महंगाई दर और निम्न विकास दर की ओर बढ़ […]
अब विज्ञापनों के जरिये होगा ‘खेल’
राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां परवान चढ़ती जा रही हैं। अब इनके प्रचार के लिए मल्टीमीडिया विज्ञापन अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रमंडल खेल संघ ने अगले तीन साल में विभिन्न माध्यमों के जरिये विज्ञापन के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार द्वारा किसी खेल आयोजन के प्रचार के लिए दी […]
बेघरों को सहारा देगी कोका-कोला
कोका-कोला ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने की कोशिश के तहत सुनामी की आपदा को झेलने वाले दक्षिण भारत के लोगों को 41 घर दिये हैं। हालांकि यह कोई अलग कदम नहीं है। इससे पहले भी दो प्रोजेक्ट के तहत कोका-कोला ने सूनामी से प्रभावित क्षेत्र में में हजारों मछुआरों को जीविका का साधन […]
