कमजोर रुपये से आयात शुल्क में हुई कटौती बेअसर
पिछले चार हफ्तों में डॉलर के मुकाबले रुपये में आयी तेज गिरावट के चलते कुछ दिनों पहले सरकार द्वारा महत्वपूर्ण जिंसों के आयात शुल्क में की गई कटौती का असर फीका हो गया है। अभी अप्रैल में ही सरकार ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य तेलों, कोयले, न्यूजप्रिंट समेत कई चीजों के आयात […]
एल्युमिनियम के वायदा भाव में गिरावट
कारोबारियों के मुनाफा कमाने और इसके भंडार में वृद्धि होने के चलते मंगलवार को एल्युमिनियम के वायदा भाव में 1.11 फीसदी की कमी आयी है। वैश्विक बाजार में हो रही मुनाफाखोरी के प्रभाव में एल्युमिनियम का कारोबार भी आ गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में मई सौदे के लिए एल्युमिनियम की कीमत में 1.80 रुपये की […]
चाय की कीमत से संतुष्ट नहीं उद्योग
नीलामी केंद्रों पर चाय की औसत कीमत में तेजी का रुख बना हुआ है, लेकिन चाय उद्योग का मानना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले चाय की कीमत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। धनसेरी चाय के अध्यक्ष सी के धानुक ने बताया कि पिछले दस सालों के दौरान लागत दोगुने से ज्यादा हो […]
यूपी के कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन 25 मई से
उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख अनाज बाजार राज्य सरकार द्वारा हाल ही में खाद्यान्नों के सीमित भंडारण और आवश्यक कमोडिटी अधिनियम की धारा 37 के लागू किए जाने के विरोध में 25 मई से लेकर पांच जून तक बंद रहेंगे। अगर कोई व्यक्ति इन कानूनों के तहत दोषी पाया जाता है तो उसे जेल की […]
किसानों ने छोड़ी ई-चौपाल, चले मंडी की राह
आजकल देश की कई नामी गिरामी कंपनियां गांवों तक पहुंचने का सीधा रास्ता बना रही हैं। इन कंपनियों की कोशिश है कि वे वहां से कृषि उत्पाद भी खरीद सकें और कृषि में इस्तेमाल होने वाले सामान के लिए बाजार भी तैयार कर सकें। आईटीसी ने इस मुहिम की शुरुआत की है अपने ई-चौपाल मिशन […]
कैंसर से लड़ने के लिए आया ‘रोको कैंसर’
दक्षिण दिल्ली में रहने वाली 43 वर्षीय महिला मीनू कपूर जब अपने पड़ोस में गुरुद्वारे के लिए निकलीं तो यह दिन उनके किसी और दिन जैसा ही था। जब वे गुरुद्वारे से बाहर आ रही थीं तो यह जानती थीं कि वे एक गंभीर बीमारी की चपेट से बाहर आ चुकी हैं। मीनू उन 24 […]
सामाजिक दायित्व और लाभ में टकराव नहीं
सी के प्रह्लाद मिशिगन विश्वविद्यालय में कॉरपोरेट रणनीति के प्रोफे सर हैं और उन्होंने गरीबी, कंपनियों के सामाजिक दायित्व आदि मुद्दे पर कई किताबें लिखी है। इन सारी बातों पर श्रीलता मेनन की उनसे की गई बातचीत के प्रमुख अंश-बहुत सारी कंपनियां अपनी व्यापारिक रणनीति में बदलाव के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की पींगे […]
मुश्किल बनती सरकारी अतिसक्रियता
इस साल गेहूं और चावल की सरकारी खरीद के नए रिकॉर्ड को छूने की संभावना को देखते हुए लग तो यही रहा है कि मुल्क पर मंडरा रहे खाद्यान्न संकट के बादल छंट चुके हैं। सरकारी भंडार में आज की तारीख में इतना अनाज जमा हो चुका है, जो मुल्क की बफर जरूरत से कहीं […]
बड़े काम की चीज है यह मक्का भी
पिछले एक दशक या उससे भी ज्यादा समय से जहां अनाज के उत्पादन में ठहराव सा आ गया है, वहीं मक्के की फसल ने नई-नई ऊंचाइयों को छू रही है। पिछले 10 साल में इसका उत्पादन हर साल 4.5 फीसदी की जबरदस्त रफ्तार से बढ़ रहा है। इस साल तो मक्के का 1.85 करोड़ टन […]
आज भी पूरी दुनिया में लोकप्रिय है लाइबोर
ऑफशोर डॉलर मार्केट 1960 के दशक में स्थापित हुआ, जब इसे यूरो डॉलर मार्केट नाम से जाना जाता था। तबसे, लाइबोर (लंदन इंटरबैंक आफर्ड रेट) अंतरराष्ट्रीय वित्त बाजार के स्तंभों में से एक माना जाता रहा है। शायद यह सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला मानक है जिसे आधार बनाकर लोन की कीमतें तय की […]
