अल्पावधि का कारोबार लंबी अवधि का निवेश
कहा जाता है कि राकेश झुनझुनवाला ने निवेश का अपना सफर वर्ष 1985 में 5,000 रुपये के साथ शुरू किया था। जब दो सप्ताह पहले उनका देहांत हुआ, तब उनके पास 50,000 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। यह 37 साल में 65 फीसदी चक्रवृद्धि सालाना प्रतिफल है। ऐसा लगता है कि किसी ने भी इस […]
निराशाजनक आंकड़े
केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अधीन आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने चालू वित्त वर्ष यानी 2022-23 की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अपने अनुमान जारी कर दिए हैं। सबसे प्रमुख आंकड़ा यही है कि पहली तिमाही में स्थिर मूल्य पर जीडीपी में सालाना आधार पर 13.5 फीसदी की […]
राजकोषीय घाटा चार माह में 20.5 फीसदी रहा
सरकारी आंकड़े के अनुसार देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के चार महीनों में वार्षिक लक्ष्य के 3.4 लाख करोड़ रुपये या 20.5 फीसदी दर्ज किया गया। पिछले साल की समान अवधि में केंद्र का राजकोषीय घाटा तय लक्ष्य का 3.2 लाख करोड़ रुपये या 21.3 फीसदी था। वित्त वर्ष 2023 के लिए देश […]
क्या जीडीपी अगले 25 साल बढ़ेगा सालाना 7 प्रतिशत?
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन विवेक देवरॉय ने मंगलवार को कहा कि अगर भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) तुलनात्मक रूप से परंपरागत रफ्तार 7 से 7.5 प्रतिशत की दर से भी अगले 25 साल बढ़ता है तो 2047 तक भारत उच्च मध्य आय वाला देश बन जाएगा। अगर ऐसा होता है […]
परिवार की खपत निवेश में बढ़ोतरी
यूरोप में युद्ध के कारण महंगाई के दबाव के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में भारत में परिवारों की खपत और पूंजीगत निवेश के आकड़ों में मजबूत सुधार नजर आ रहा है। बहरहाल जीडीपी के प्रतिशत के हिसाब से सरकार की खपत कम हुई है। वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में परिवार और निजी क्षेत्र […]
तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि 4.5 फीसदी
वित्त वर्ष 23 की अप्रैल-जून तिमाही कृषि एवं संबंधित गतिविधियों की वृद्धि एक बार फिर स्थिर मूल्य पर 4.5 प्रतिशत रही है। मुख्य रूप से रबी की फसलों का उत्पादन बेहतर रहने और कुछ खाद्य वस्तुओं के दाम में तेज बढ़ोतरी की वजह से ऐसा हुआ है। कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन क्षेत्र का जीवीए […]
छोटे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है
बाजार अपने निचले स्तरों से वापसी कर चुके हैं, क्योंकि विदेशी निवेशक जुलाई से भारतीय इक्विटी की तरफ लौटे हैं। सेंट्रम ब्रोकिंग में कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) अनिल सरीन ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि मौजूदा हालात मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश के लिए अनुकूल हैं। पेश हैं मुख्य अंश: […]
अगस्त में लार्जकैप से बेहतर पर मिडकैप से कमजोर रहा स्मॉलकैप
स्मॉलकैप इंडेक्स ने अगस्त में लार्जकैप के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन मिडकैप के रिटर्न की बराबरी करने में नाकाम रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 4.9 फीसदी चढ़ा जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 6.2 फीसदी की उछाल दर्ज हुई। साल 2022 का यह तीसरा कैलेंडर महीना था जब स्मॉलकैप इंडेक्स ने लार्जकैप की भरमार […]
कपास के बढ़े दाम से अपैरल शेयर होंगे प्रभावित
विपरीत मौसम हालात के साथ साथ कम फसल पैदावार ने कपास कीमतों में भारी तेजी को बढ़ावा दिया है। अगस्त के महीने में अब तक कपास कीमतें 11 प्रतिशत चढ़कर पूर्व के 45,296 रुपये प्रति गांठ से 50,600 रुपये पर पहुंच गई हैं। घरेलू कताई मिलों ने या तो अपना उत्पादन घटाया है या घरेलू […]
स्पाइसजेट का शुद्ध घाटा 789 करोड़ रु.
स्पाइसजेट ने बुधवार को ऐलान किया कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में उसका नुकसान 458 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में 789 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह ईंधन की ऊंची कीमतें, रुपये में गिरावट और कोरोना महामारी की तीसरी लहर रही। कंपनी ने कहा कि उसके मुख्य वित्त अधिकारी […]
