गैर बिजली क्षेत्र में घरेलू कोयला कम
पिछले साल अगस्त में कोयले की मांग व आपूर्ति में अंतर शुरू होने के बाद केंद्र सरकार ने बिजली क्षेत्र को घरेलू कोयले की आपूर्ति को प्राथमिकता दी। उसके बाद से ही स्टील, एल्युमीनियम, आयरन, कागज, सीमेंट आदि उद्योगों सहित प्रमुख गैर बिजली क्षेत्रों को कोयले की कमी से जूझना पड़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड […]
एफपीआई कुछ खास क्षेत्रों में कर रहे हैं ज्यादा बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) ने कुल बिकवाली के मुकाबले कुछ क्षेत्रों में दोगुनी तेजी से निकासी की है। पाक्षिक डिपोजिटरी आंकड़े से पता चलता है कि मई से एफपीआई अपनी कुल इक्विटी निवेश अधीन परिसंपत्तियों में से करीब 0.6 प्रतिशत से बाहर हुए हैं। उनकी बिकवाली कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.6 प्रतिशत) धातु एवं खनन (1.7 प्रतिशत), […]
मारुति सुजूकी का शेयर 6 प्रतिशत चढ़ा
भारत की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता मारुति सुजूकी इंडिया (एमएसआईएल) का शेयर गुरुवार को बीएसई पर 6.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,274.60 रुपये पर बंद होने से पहले दिन के कारोबार में 8,319.80 रुपये के तीन महीने ऊंचे स्तरों पर पहुंच गया। यह इस साल 28 फरवरी के बाद से इसका सर्वाधिक ऊंचा […]
पी-नोट के जरिये मई में निवेश घटा
भारतीय पूंजी बाजार में पार्टिसिपेटरी नोट (पी-नोट्स) के जरिये निवेश मई, 2022 में मासिक आधार पर घटकर 86,706 करोड़ रुपये रह गया। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक आने वाली एक-दो तिमाहियों में अपने बिकवाली के रुख को बदलते हुए देश के शेयरों में वापस लिवाली करेंगे। पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की […]
थोड़ी खरीद से सेंसेक्स बढ़ा
बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और गुरुवार को प्रमुख सूचकांक करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए, क्योंकि निवेशकों ने पिटे हुए शेयरों में खरीदारी करने पर जोर दिया, भले ही वैश्विक मंदी की चिंताओं ने इस तेजी की रफ्तार को नियंत्रित बनाए रखा। विश्लेषकों का कहना है कि तेल कीमतों और […]
युवाओं के लिए अग्निपरीक्षा साबित हुई योजना
गत 13 जून को आरंभ हुए सप्ताह में सरकार ने दो भर्ती कार्यक्रमों की घोषणा की लेकिन नाराज प्रदर्शनकारियों ने उसी सप्ताह सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले करना शुरू कर दिया। 14 जून को सरकार ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया है कि अगले 18 महीनों में विभिन्न सरकारी मंत्रालयों […]
महंगाई पर अनुमान नहीं बल्कि सुनें बाजार की धुन
पिछले पखवाड़े के अपने आलेख में मैंने लिखा था, ‘मुद्रास्फीति के स्वतः घटने के आसार कम ही हैं। इसका अर्थ है कि यदि केंद्रीय बैंक अभी सख्ती करते हैं तो बाजार धड़ाम हो जाएगा और फिर सुधार आएगा। यदि उन्होंने हिचक दिखाई तो दर्द का सिलसिला लंबा खिंचेगा।’ बहरहाल 10 जून को यह बात सामने […]
हितों की रक्षा करे भारत
निजी क्षेत्र की तेलशोधन कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) तथा रूस की कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली नायरा एनर्जी द्वारा बड़े पैमाने पर रूस से कच्चे तेल का आयात किए जाने का पश्चिमी देशों तथा पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया के देश अब […]
कंपनियों की मांग से छाता उद्योग के फैले पंख
पिछले दो साल से कोरोना के कहर से अधखुली छतरी इस बार पूरी तरह पंख फैलाने को तैयार है। बेहतर मॉनसून तथा स्कूल और दफ्तर पूरी तरह खुलने की वजह से इस बार छतरी इतराने को बेताब है। छतरी के पंखों पर सवार होकर छोटी-बड़ी कंपनियां भी बाजार में फैलना चाह रही हैं। बाजार में […]
संथालों में प्रसन्नता की एक और वजह बनीं मुर्मू
सिद्धू और कान्हू मुर्मू, जिन्होंने 19वीं शताब्दी में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ बगावत का नेतृत्व किया था, से लेकर नव निर्मित राज्य झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, संथाली भाषा के लिए पहली लिखित लिपि बनाने वाले रघुनाथ मुर्मू, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के पहले उपराज्यपाल जीसी मुर्मू और अब द्रौपदी मुर्मू, जो […]
