facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Delhi Budget 2026: ₹1.03 लाख करोड़ के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और ‘लखपति बिटिया’ योजना पर बड़ा दांव

Advertisement

दिल्ली सरकार ने ₹1.03 लाख करोड़ का 'ग्रीन बजट' पेश किया, जिसमें महिलाओं को आर्थिक मदद, बेटियों की शिक्षा, ई-बसें और पर्यावरण सुधार पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है

Last Updated- March 24, 2026 | 8:09 PM IST
Rekha Gupta
दिल्ली का बजट पेश करने जातीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता | फोटो: PTI

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला और परिवहन पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने इसे दिल्ली का पहला “ग्रीन बजट” बताया है, जिसमें कुल बजट का करीब 21 फीसदी हिस्सा पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए रखा गया है। बजट का वित्तपोषण मुख्य रूप से 74,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व, 16,700 करोड़ रुपये के बाजार ऋण और बाकी केंद्र प्रायोजित योजनाओं व अनुदानों से होगा। कुल व्यय में 70.3 फीसदी राजस्व व्यय और 29.7 फीसदी पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है।

बजट का करीब 21% हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा कि यह पहली बार है, जब दिल्ली अपने विकास की यात्रा में ग्रीन बजट पेश कर रही है। इस बजट की हर नीति को ग्रीन लेंस से देखा गया है इस पहल के तहत हर योजना में प्रकृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखा गया है। हमने पूरे बजट का 21.44 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के आवंटित करते हुए करीब 22,236 करोड़ रुपये का  प्रावधान किया है।

हरित दिल्ली के निर्माण के लिए इस वर्ष हमने दिल्ली नगर निगम के लिए 11,266 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ रुपये की प्रदूषण नियंत्रण व आपात उपाय (Pollution Control & Emergency Measures) योजना लेकर आ रहे हैं।

महिला समृद्धि योजना के लिए ₹5,110 करोड़

बजट 2026-27 के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 7,406 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से महिला समृद्धि योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता हर महीने दी जाएगी। साथ ही 260 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के तहत होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। 450 करोड़ रुपये के प्रावधान से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए दिल्ली परिवहन निगम बसों में मुफ्त यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।

“दिल्ली लखपति बिटिया योजना” के तहत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक बेटियों के खातों में कुल 61,000 रुपये जमा किए जाएंगे, जो परिपक्वता पर 1.20 लाख रुपये तक पहुंचेंगे। इसके लिए 128 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। महिलाओं के कौशल को बाजार से जोड़ने के लिए महिला हाट आउटलेट स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

बजट में दिल्ली ड्रोन नीति लाने का एलान

बजट में दिल्ली में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को मजबूत करने हेतु साझा सुविधा केंद्रों के निर्माण के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। लॉजिस्टिक्स और भंडारण क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नई वेयरहाउसिंग नीति के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है। एमएसएमई के कौशल विकास और डिजिटल एकीकरण पर जोर देते हुए RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना लागू की जा रही है।

इसके तहत 32,000 इकाइयों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और 15,000 व्यवसायों को GeM (Government e-Marketplace) व Open Network for Digital Commerce जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन 2.0 के अनुरूप सेमीकंडक्टर नीति और दिल्ली ड्रोन नीति लाने की तैयारी में है।

Also Read: दिल्ली की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, GSDP 8.53% बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय पहली बार ₹5 लाख के पार

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़े निवेश का ऐलान किया गया है। पीडब्ल्यूडी के लिए 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास विभाग के लिए 7,887 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में 750 किमी सड़कों के पुनर्विकास के लिए 1,392 करोड़ रुपये, अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं के लिए 800 करोड़ रुपये, ट्रांस-यमुना क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये के साथ ही कई फ्लाईओवर और अंडरपास परियोजनाओं के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गाया है।

इसके अलावा नजफगढ़ नाले के किनारे 54 किमी सड़क निर्माण और बारापुला कॉरिडोर को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बिजली क्षेत्र को मिले ₹3,942 करोड़

बिजली क्षेत्र  के लिए 3,942 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इससे न केवल बिजली पर सब्सिडी जारी रखेंगे, बल्कि दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना है। चांदनी चौक की 28 ऐतिहासिक सड़कों और गलियों में लटकते बिजली के तारों को हटाने के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने हेतु इस वर्ष 200 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का प्रस्ताव है।

₹674 करोड़ से सुधरेगी दिल्ली फायर व्यवस्था

बजट भाषण में कहा गया है कि दिल्ली को सुरक्षित शहर बनाने के लिए फायर सर्विसेज के इन्फ्रास्ट्रक्चर और मशीनरी को आधुनिक बनाना अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2026-27 में फायर विभाग के बजट को ₹530 करोड़ से बढ़ाकर ₹674 करोड़ करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत नए फायर स्टेशन, 26 QRVs, आधुनिक मशीनरी और उन्नत उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दिल्ली की जनता की सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सके।

दिल्ली वालों की प्यास बुझाने व जलभराव रोकने के लिए ₹9,000 करोड़ का बजट

बजट में दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन विस्तार परियोजना पर 475 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। MB रोड पर 387 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसके लिए 2026-27 में 50 करोड़ का प्रावधान है।

श्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई क्षेत्रों में जल निकासी के लिए 221 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 किमी लंबा ट्रंक ड्रेन बनाया जाएगा। साथ ही तैमूर नगर, कैलाश नगर, किराड़ी और बवाना में नालों का पुनर्विकास किया जाएगा। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 610 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जबकि PWD द्वारा 200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से जलभराव खत्म करने की अन्य परियोजनाएं भी शुरू होंगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹12,645 करोड़, शिक्षा के लिए ₹19,148 करोड़

बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बजट में 12,645 करोड़ रुपये का आवंटित किया गया है। अधूरे पड़े अस्पतालों को पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मादीपुर, सिरसपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में ₹515 करोड़ के निवेश से अस्पताल परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। अस्पतालों में मशीनरी, मेडिकल उपकरण और दवाइयों की खरीद के लिए ₹787 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं और वर्ष 2026-27 में 750 से अधिक नए केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वहीं बजट में  शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके माध्यम से 206-27 में 8,777 स्मार्ट क्लासरूम बनाने, छात्राओं को मुफ्त साइकिल, मेधावी छात्रों को लैपटॉप, ITI और तकनीकी संस्थानों का विस्तार, स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने जैसे अन्य कार्य किए जाएंगे।

8,374 करोड़ रुपये से सुधरेगी दिल्ली की परिवहन व्यवस्था

बजट में दिल्ली में ग्रीन, सस्टेनेबल और जाम-मुक्त परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए परिवहन विभाग को 8,374 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। बजट भाषण में मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देते हुए सरकार EV बसों का बेड़ा तेजी से बढ़ा रही है।

पीएम ई-ड्राइव के तहत 6,130 अतिरिक्त ई-बसें चरणबद्ध तरीके से जोड़ी जाएंगी। मार्च 2027 तक 7,500 बसें संचालित करने का लक्ष्य है, जिनमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। 2029 तक 12,000 ईवी बसें सड़कों पर उतारने की योजना है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की चरण IV और V परियोजनाओं के लिए 2,885 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार जारी रहेगा।

Delhi Electric Vehicle Policy 2.0 के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें वाहन खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैप नीति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, जो दिल्ली को “जीरो एमिशन मोबिलिटी” की ओर ले जाएगा। बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य पूंजीगत ढांचे के विद्युतीकरण के लिए 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

Advertisement
First Published - March 24, 2026 | 8:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement