facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईरान युद्ध के बीच 4 लाख मीट्रिक टन भारतीय बासमती चावल बंदरगाहों पर फंसा, निर्यात पर बड़ा असर

Advertisement

भारत खुशबू वाले प्रीमियम बासमती चावल का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। इसके प्रमुख खरीदार सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मिडिल ईस्ट के देश हैं

Last Updated- March 03, 2026 | 4:37 PM IST
Basmati rice
भारत में इस साल बासमती की रिकॉर्ड पैदावार हुई है, लेकिन निर्यात मांग में अचानक आई गिरावट से कीमतें करीब 6 फीसदी तक नीचे आ गई हैं।

Middle East Crisis: भारत का करीब 4 लाख मीट्रिक टन बासमती चावल बंदरगाहों पर और रास्ते में अटका हुआ है। व्यापार अधिकारियों के अनुसार, निर्यात सौदे लगभग ठप हो गए हैं, क्योंकि वीकेंड पर अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद माल भाड़ा (फ्रेट) दरें दोगुने से ज्यादा बढ़ गई हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी। भारत खुशबू वाले प्रीमियम बासमती चावल का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। इसके प्रमुख खरीदार सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मिडिल ईस्ट के देश हैं, जिनकी हिस्सेदारी कुल निर्यात में आधे से ज्यादा है।

मिडिल ईस्ट संकट से निर्यात ठप

ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (AIREA) के अध्यक्ष सतीश गोयल ने कहा, “करीब 2 लाख टन बासमती चावल रास्ते में फंसा हुआ है और इतना ही माल भारतीय बंदरगाहों पर अटका पड़ा है, क्योंकि युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में शिपिंग रूट बाधित हो गए हैं।”

उन्होंने कहा कि निर्यातकों ने पहले ही अपना माल बंदरगाहों तक पहुंचा दिया है, लेकिन बढ़ती कंटेनर फ्रेट लागत के कारण इसे मिडिल ईस्ट भेज पाना संभव नहीं हो रहा है। गोयल के मुताबिक, इस बड़े स्टॉक को समाहित करने के लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक बाजार भी उपलब्ध नहीं है।

Also Read: US-Iran Conflict: ईरान में भारतीयों को घर में रहने की सलाह, दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी 

ग्लोबल शिपिंग दरें बढ़ी

अमेरिका और इजराइल का ईरान के खिलाफ हवाई हमला सोमवार को और बढ़ गया। इजराइल ने लेबनान पर हमला किया, जबकि ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे और होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों को निशाना बनाया। टैंकर और कंटेनर जहाज इस जलमार्ग से गुजरने से बच रहे हैं, क्योंकि बीमा कंपनियों ने जहाजों के लिए कवरेज रद्द कर दिया है। इसके चलते ग्लोबल शिपिंग दरें तेजी से बढ़ गई हैं।

गोयल ने बताया कि AIREA ने वाणिज्य मंत्रालय से मदद मांगी है, क्योंकि निर्यातकों को बंदरगाहों पर रखे स्टॉक के लिए भंडारण लागत और कुछ मामलों में ज्यादा फ्रेट चार्ज का सामना करना पड़ रहा है। नई दिल्ली स्थित एक ग्लोबल ट्रेडिंग हाउस के डीलर ने बताया कि निर्यातक फिलहाल मिडिल ईस्ट से नए ऑर्डर नहीं ले रहे हैं और पहले से हुए सौदों की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रहे हैं।

रिकॉर्ड फसल के बाद सप्लाई में बाधा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदार और विक्रेता दोनों मान रहे हैं कि यह स्थिति अभूतपूर्व है। नई दिल्ली स्थित एक डीलर ने कहा कि अगर हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो कुछ निर्यातक ‘फोर्स मेज्योर’ का सहारा ले सकते हैं।

भारत में इस साल बासमती की रिकॉर्ड पैदावार हुई है, लेकिन निर्यात मांग में अचानक आई गिरावट से कीमतें करीब 6 फीसदी तक नीचे आ गई हैं। भारत और पाकिस्तान ही ऐसे देश हैं जहां लंबे दाने वाला बासमती चावल बड़े पैमाने पर उगाया जाता है, जिसका इस्तेमाल बिरयानी, पुलाव और अन्य व्यंजनों में होता है। वैश्विक बाजार में बासमती चावल प्रीमियम कीमत पर बिकता है।

मुंबई के एक व्यापारी ने कहा, “मिडिल ईस्ट में बासमती चावल एक मुख्य खाद्य है और भारतीय सप्लाई का कोई वास्तविक विकल्प नहीं है। जैसे ही युद्ध खत्म होगा, ये देश फिर से बड़े पैमाने पर खरीद शुरू कर देंगे।”

Advertisement
First Published - March 3, 2026 | 4:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement