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छत्तीसगढ़ सरकार ने मंडी टैक्स बढ़ाकर किया 5.20 रुपये, धान की कीमतें घटीं

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महंगा मंडी टैक्स लागू होने के कारण व्यापारियों ने किसानों को दी जाने वाली कीमत कम कर दी है।

Last Updated- July 17, 2023 | 7:27 PM IST
Rice export: Exporters who pay duty before the ban notification will be able to export rice
Shutterstock

कृषि उपज मंडी में धान बेचने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा धान को बाजार में बेचने पर टैक्स में छूट देना बंद कर देने से धान की कीमत कम हो गयी है। यह छूट 12 जुलाई को समाप्त हो गई, और चूंकि सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया, इसलिए किसानों को अब कृषि उपज मंडी में अपना धान बेचने पर अप्रत्यक्ष रूप से मंडी कर का भुगतान करना होगा।

5.20 रुपये मंडी शुल्क बन रहा किसानों का सिरदर्द

छत्तीसगढ़ सरकार एक बाज़ार शुल्क लेती है जिसे मंडी कर कहा जाता है, जिसमें मंडी शुल्क, किसान कल्याण उपकर और अन्य कर जैसे विभिन्न शुल्क शामिल होते हैं। पहले व्यापारियों को 2 रुपए मंडी टैक्स देना पड़ता था। हालांकि, पिछले साल दिसंबर में सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए टैक्स बढ़ाकर 5.20 रुपये कर दिया था।

व्यापारियों के विरोध के चलते सरकार ने उन्हें इस ऊंचे टैक्स से छूट दे दी थी। लेकिन यह छूट 12 जुलाई को खत्म हो गई, यानी अब व्यापारियों को टैक्स की पूरी राशि 5.20 रुपये फिर से चुकानी होगी।

फसल के मौसम के दौरान, छत्तीसगढ़ में किसान सबसे पहले अपना धान सीधे राज्य के स्वामित्व वाली प्राथमिक सहकारी समिति को बेचते हैं। राज्य सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीदती है। पिछले खरीफ सीज़न में, सरकार ने छत्तीसगढ़ में किसानों से कुल 10.7 मिलियन टन धान खरीदा था।

पिछली नीति के तहत किसानों को राज्य के स्वामित्व वाली सहकारी समिति में प्रति एकड़ केवल 15 क्विंटल धान बेचने की अनुमति थी। हालांकि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में यह सीमा बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी है। इस सीमा से अधिक कोई भी अतिरिक्त उपज किसानों द्वारा कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को बेची जा सकती है।

मंडी टैक्स लागू होने के कारण व्यापारियों ने किसानों को दी जाने वाली कीमत कम कर दी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें किसानों से प्रत्येक 100 रुपये की खरीद पर 5 रुपये का कर देना पड़ता है। इस कर के बोझ के कारण व्यापारी किसानों को कम कीमत ऑफर कर रहे हैं।

भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा मंडी शुल्क वसूलने से बाजार में धान की कीमत काफी कम हो गयी है।

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First Published - July 17, 2023 | 7:27 PM IST

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