facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Edible oil: भारत के खाद्य तेल आयात में आई भारी कमी, डीलरों ने बताई वजह

Advertisement

विश्व के सबसे बड़े तेल आयातक द्वारा खाद्य तेल की खरीद घटाने से प्रमुख उत्पादकों इंडोनेशिया और मलेशिया के पाम ऑयल का स्टॉक बढ़ सकता है।

Last Updated- November 02, 2023 | 11:02 PM IST
Edible oil

भारत का खाद्य तेल का आयात अक्टूबर में गिरकर 16 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। रॉयटर्स से बातचीत में 6 डीलरों ने कहा कि ज्यादा स्टॉक होने के कारण रिफाइनरों ने पाम ऑयल, सोया तेल और सूरजमुखी के तेल के आयात में कटौती कर दी है।

विश्व के सबसे बड़े तेल आयातक द्वारा खाद्य तेल की खरीद घटाने से प्रमुख उत्पादकों इंडोनेशिया और मलेशिया के पाम ऑयल का स्टॉक बढ़ सकता है और इससे बेंचमार्क फ्यूचर्स पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसका दबाव अमेरिकी सोया तेल फ्यूचर्स और सूरजमुखी के तेल पर भी पड़ सकता है।

डीलरों के औसत अनुमानों से पता चलता है कि भारत के कुल खाद्य तेल का आयात अक्टूबर महीने में 10 लाख टन कम हुआ है जो एक महीने पहले की तुलना में 33 प्रतिशत कम है और यह जून 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

माह के दौरान पाम ऑयल का आयात 14 प्रतिशत गिरकर 7,15,000 टन रह गया है, जो 4 माह का निचला स्तर है। आक्रामक खरीद की वजह से जुलाई से सितंबर के दौरान भारत का खाद्य तेल आयात 50 लाख टन रहा है।

खाद्य तेल ट्रेडर और ब्रोकर जीजीएन रिसर्च के मैनेजिंग पार्टनर राजेश पटेल ने कहा कि आयात की तुलना में पर्याप्त मांग नहीं थी, जिसके कारण पूरे आयात की खपत हो सके। उन्होंने कहा कि ज्यादा आयात के कारण स्टॉक बढ़ा, जिसकी वजह से रिफाइनरों को आयात घटाना पड़ा है।

व्यापार संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) ने कहा कि खाद्य तेल का घरेलू आयात 1 अक्टूबर को बढ़कर 36 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 26 लाख टन था।

एसईए नवंबर के मध्य तक अक्टूबर में हुए आयात के आंकड़े जारी कर सकता है। सोया तेल का आयात अक्टूबर महीने में एक माह पहले की तुलना में 63 प्रतिशत गिरकर 1,34,000 टन हो गया है। डीलरों का अनुमान है कि यह जनवरी 2021 के बाद आयात का निचला स्तर है।

सूरजमुखी के तेल का आयात 47 प्रतिशत गिरकर 1,50,000 टन रह गया है, जो 7 महीने का निचला स्तर है।

खाद्य तेल ब्रोकरेज सनविन ग्रुप के सीईओ संदीप बाजोरिया ने कहा कि गर्मी में बोई गई तिलहन फसलों की आक बाजार में होने लगी है, जिसके कारण खाद्य तेल के आयात की जरूरत घटी है।

भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम ऑयल का आयात करता है, जबकि सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से करता है।

31 अक्टूबर को समाप्त 2022-23 विपणन वर्ष में भारत के खाद्य तेल का आयात एक साल पहले की तुलना में 17 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 165 लाख टन हो गया। डीलरों ने कहा कि नवंबर से जनवरी और जुलाई से सितंबर के दौरान खरीद बढ़ने से ऐसा हुआ है।

Advertisement
First Published - November 2, 2023 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement