facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

महंगाई नरम पड़ते ही सोना रिकॉर्ड पर, चांदी पहली बार 90 डॉलर के पार

Advertisement

हाजिर सोना 07.15 बजे (जीएमटी) तक 1 फीसदी बढ़कर 4,632.03 डॉलर प्रति औंस हो गया, इससे पहले सत्र में यह 4,639.42 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था

Last Updated- January 14, 2026 | 10:18 PM IST
Gold and Silver Price today

सोने की कीमत बुधवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई जबकि चांदी ने पहली बार 90 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया क्योंकि अमेरिका में मुद्रास्फीति के उम्मीद से कम आंकड़ों ने मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को मजबूत किया।

हाजिर सोना 07.15 बजे (जीएमटी) तक 1 फीसदी बढ़कर 4,632.03 डॉलर प्रति औंस हो गया, इससे पहले सत्र में यह 4,639.42 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। फरवरी डिलिवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.9 फीसदी बढ़कर 4,639.50 डॉलर पर पहुंच गए। हाजिर चांदी 3.6 फीसदी बढ़कर 90.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जो इस साल अब तक करीब 27 फीसदी चढ़ चुका है।

केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर ने कहा, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से पता चलता है कि मुद्रास्फीति 2.6 फीसदी (सालाना आधार पर) पर अपेक्षाकृत नियंत्रण में रही और जोखिम वाली परिसंपत्तियां आगे मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांक के इसी तरह के अनुकूल आंकड़ों की उम्मीद कर रही होंगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मुद्रास्फीति के आंकड़ों का स्वागत करते हुए फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल से ब्याज दरों में उचित कटौती करने के अपने आग्रह को दोहराया। ट्रंप प्रशासन द्वारा पॉवेल की जांच शुरू करने के फैसले की खबर के बाद मंगलवार को वैश्विक केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों और वॉल स्ट्रीट के शीर्ष बैंकों के सीईओ ने पॉवेल के समर्थन में एकजुटता दिखाई। सरकार के इस कदम की पूर्व फेडरल रिजर्व प्रमुखों ने भी निंदा की। निवेशक इस साल ब्याज दरों में दो बार कटौती की उम्मीद कर रहे हैं और पहली कटौती जून में हो सकती है।

Advertisement
First Published - January 14, 2026 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement