facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Gold Price: बड़ी तेजी के बाद थमी सोने की चाल, मुनाफावसूली के चलते लगा विराम

Advertisement

बुधवार को 4,059.05 डॉलर की ऊंचाई छूने के बाद हाजिर सोना 0.2 फीसदी गिरकर 4,029.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया

Last Updated- October 09, 2025 | 10:16 PM IST
gold ETF

रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने की कीमतों में गुरुवार को सांस ली। आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ​तथा इस साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते सोना पहली बार 4,000 डॉलर का स्तर पार कर गया तो इसके एक दिन बाद गुरुवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली की। बुधवार को 4,059.05 डॉलर की ऊंचाई छूने के बाद हाजिर सोना 0.2 फीसदी गिरकर 4,029.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दिसंबर डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.6 फीसदी गिरकर 4,047.80 डॉलर पर रहा।

बुधवार को इजरायल और हमास ने गाजा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की योजना के पहले चरण पर सहमति प्रदान की। यह योजना युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के समझौते से जुड़ी है।

कैपिटल डॉट कॉम के विश्लेषक काइल रोडा ने कहा, ‘आप इजरायल और हमास के बीच पहले चरण के समझौते के महत्त्व को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं क्योंकि सोने के बढ़ने का एक कारण भू-राजनीतिक जोखिम है। लेकिन यह शायद एक और रिकॉर्ड बनाने के बाद लाभ कमाने का आसान बहाना है।’

इस बीच, बुधवार को जारी 16-17 सितंबर की बैठक के विवरण के अनुसार फेडरल रिजर्व के अधिकारी इस बात पर सहमत थे कि अमेरिकी रोजगार बाजार के लिए जोखिम इतने ज्यादा हैं कि दरों में कटौती जरूरी है। लेकिन वे लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर सतर्क बने हुए हैं। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार बाजार अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 आधार अंक की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी संभावना क्रमशः 93 फीसदी और 78 फीसदी है।

उन्होंने कहा, ‘हम अभी भी चीजों को काफी रचनात्मक देख रहे हैं क्योंकि सोने के लिए सभी फंडामेंटल सकारात्मक ही हैं।’ कम ब्याज दर वाले माहौल में और आर्थिक व भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौर में सोना चमकता है।

जापान और फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल और इस समय जारी अमेरिकी सरकार की बंदी के कारण इस सप्ताह वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट देखी गई जिससे सोने में सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा।

केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, स्वर्ण-समर्थित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की बढ़ती मांग, कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग से इस साल सोना अब तक करीब 54 फीसदी चढ़ा है।

Advertisement
First Published - October 9, 2025 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement