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गेहूं के दाम घटाने के लिए कवायद करेगी सरकार

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पिछले कुछ वर्षों में FCI ने खुले बाजार में बिक्री के माध्यम से एक साल में अधिकतम 70 लाख टन अनाज बेचकर हस्तक्षेप किया है

Last Updated- June 23, 2023 | 11:25 PM IST
agriculture warehouse market

भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चेयरमैन अशोक मीणा ने आज कहा कि सरकार जरूरत पड़ने पर गेहूं की कीमत पर लगाम लगाने के लिए आयात शुल्क घटाने से लेकर भंडार से गेहूं जारी करने सहित हर संभव उपाय करेगी।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) व अन्य योजनाओं की जरूरतें पूरी करने के बाद निगम के पास 87 लाख टन गेहूं और 292 लाख टन चावल का अतिरिक्त भंडार है, जिससे खुदरा कीमत में कमी लाने की जरूरत महसूस होने पर हस्तक्षेप किया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में FCI ने खुले बाजार में बिक्री के माध्यम से एक साल में अधिकतम 70 लाख टन अनाज बेचकर हस्तक्षेप किया है। मीणा ने कहा, ‘हम गेहूं और चावल के खुदरा दाम पर नजर रख रहे हैं और साथ ही व्यापारियों के पास अनाज के भंडारण के खुलासे के लिए एक पोर्टल बना रहे हैं। गेहूं और चावल की खुले बाजार में बिक्री तब तक जारी रहेगी, जबतक इसकी खुदरा कीमत नियंत्रण में नहीं आ जाती है।’भारत ने इस समय गेहूं के आयात पर करीब 40 प्रतिशत आयात शुल्क लगा रखा है।

Also read: सरकार के अनुमान से इस साल 10 प्रतिशत कम गेहूं का उत्पादन

पिछले सप्ताह सरकार ने स्टाक रखने की सीमा तय की थी और साथ ही अपने भंडार से 15 लाख टन गेहूं जारी करने का फैसला किया था, जिससे कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। बहरहाल सरकार के कदमों का अब तक कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। छोटे प्रसंस्करणकर्ताओं और ट्रेडरों को गेहूं बेचे जाने की प्रक्रिया के बारे में मीणा ने कहा कि जिनके पास जीएसटी नंबर है, वही ई-नीलामी में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

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First Published - June 23, 2023 | 11:25 PM IST

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